क्या नीतीश सहज नहीं है बीजेपी के साथ.?..तस्वीर ने सबको चौंकाया..!क्या फिर मारेंगे यू टर्न की पलटी..?

पटना (PATNA)समय कैसे बदलता है यह नीतीश कुमार से बेहतर शायद ही कोई जानता हो। एक समय था जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार में प्रवेश पर अघोषित रोक लगा रखी थी, वह भी तब, जब भाजपा के साथ उनकी सरकार बिहार में चल रही थी। उस समय बिहार में विधानसभा का चुनाव हो रहा था, तब पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि क्या नरेंद्र मोदी बिहार में चुनाव प्रचार करने आएंगे ? तो नीतीश जी ने साथ में मौजूद सुशील मोदी की तरफ इशार करते हुए कहा था कि बिहार के मोदी तो यहाँ हैं ही फिर किसी दूसरे मोदी की क्या जरुरत ?

12 मई को वही नीतीश जी पटना में पीएम मोदी के रोड शो में उनके साथ गाड़ी पर सवार थे। उस समय उनकी भाव -भंगिमा और बॉडी लैंग्वेज को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। न सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र में बल्कि आम जनमानस में भी उनकी स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनको देखकर कोई भी कहेगा कि वे ठीक नहीं हैं। जिस नीतीश जी को बिहार के लोग जानते हैं ये वो नीतीश नहीं थे।

ऊर्जा से ओतप्रोत, सजग, हंसमुख, और मिलनसार नीतीश जी की जगह पर एक थका-हारा, निराश, हताश, भाव शून्य, परेशान और विवश नीतीश जी नजर आए। उनकी ऐसी स्थिति क्यों हुई, कैसे हुई ? क्या वे बीमार हैं ? क्या भाजपा के साथ वे सहज नहीं हैं ? क्या पीएम मोदी के साथ वे किसी विवशता में हैं ? ये तमाम सवाल जनमानस के मन उठ रहे हैं। लोगों को उनकी चिंता है। बिहार के लोग उनसे प्यार करते हैं। उन्होंने बिहार को ‘बदनाम प्रदेश’ से ‘बेहतर प्रदेश’ बनाने में महती भूमिका निभाई है। इसलिए चिंता होनी स्वाभाविक है। लेकिन इन सवालों / आशंकाओं का जवाब कौन देगा, यह भी एक बड़ा सवाल है !

NEWS ANP के लिए पटना से साभार प्रवीण बागी के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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