सामान्य रूप से पर्व त्योहार के समय दूध और मिठाइयों (Sweets) की डिमांड बढ़ जाती है। होली (Holi) नजदीक है।
रांची(RANCHI) सामान्य रूप से पर्व त्योहार के समय दूध और मिठाइयों की डिमांड बढ़ जाती है। होली नजदीक है।घरों में पकवान, व्यंजन के अलावा धार्मिक अनुष्ठान में दूध और इससे बने उत्पाद की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं होने की वजह से नकली चीज़ें बाजार में छा जाती हैं।
झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में स्थानीय स्तर पर मांग के अनुरूप आवक नहीं होने के बावजूद दूध और इससे तैयार उत्पादों की आपूर्ति की रही है। इस क्षेत्र में धंधा करने वाले लोग अन्य लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं।
बताया जाता है कि वर्तमान में लगभग 1 लाख लीटर मिलावटी दूध रोजाना खपाया जा रहा है। बाजार में असली बताकर बेचे जा रहे पनीर, खोवा, मिलावटी दूध (Adulterated Milk) की न तो जांच करने वाला कोई है और न ही छापामारी कर सैंपल इक्ह्वा करने वाली टीम सक्रिय है। यही हाल मिठाई की दुकान चलाने वालों की है।
जानकारी के अनुसार, रांची में करीब डेढ़ सौ खटाल हैं, जहां पांच से दस की संख्या में दुधारू पशु हैं। यहां से 40 से 50 हजार लीटर दूध निकलता है। सभी माध्यमों से जोड़ने पर दूध की आपूर्ति का आंकड़ा तीन लाख लीटर से पार नहीं पहुंचता है। लेकिन, आपूर्ति पूरी हो रही है।
उन्हें पता है कि बाजार में असली बताकर बेचे जा रहे पनीर, खोवा, मिलावटी दूध की न तो जांच करने वाला कोई है और न ही छापामारी (Raid) कर Sample इक्ह्वा करने वाली टीम सक्रिय है। यही हाल मिठाई की दुकान चलाने वालों की है।
NEWS ANP के लिए रांची से V SIngh की रिपोर्ट..
