अशोक चक्र विजेता IPS रणधीर वर्मा की शहादत को कभी नहीं भूलेगा देश…जब धनबाद में 33साल पहलेAK 47 से लैस बैंक डकैतों से भीड़ गए थे जाबांज रणधीर..

धनबाद(DHANBAD)तीन दशक पूर्व आज ही के दिन 3 जनवरी 1991 की वह घटना जिसे याद करके आज भी धनबाद वासियों के रोंगटे खड़ी कर देता है। ख़ौफ़ का वह मंजर हर किसी के दिलों दिमाग़ में आज भी जिन्दा है। धनबाद को आज भी याद आता है अपने हीरो की शहादत।
धनबाद के हीरापुर में एक बैंक लूटने आए खालिस्‍तानी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीर गति को प्राप्त हुए धनबाद के तत्कालीन एसपी रणधीर प्रसाद वर्मा के किस्से हरेक की जुबां पर रहता है। नई पीढ़ी के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन थे-शहीद रणधीर वर्मा। रणधीर वर्मा भारतीय पुलिस सेवा के ऐसे पुलिस अधिकारी थे जो खुद ही मोर्चा लेने में भरोसा रखते थे। इसलिए शहादत के इतने सालों बाद भी उनके यश की गाथाएं सबकी जुबान पर है। उसी बैंक डकैती की घटना में अपराधियों के गोलियों का निशाना बने आईएसएम कर्मी श्यामल चक्रवर्ती का जिक्र आज भी होता है।

NEWS ANP DESK के लिए ब्यूरो रिपोर्ट..

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