AI को आधार से जोड़कर सबको मिल सकते हैं ट्यूटर, डॉक्टर, कृषि एक्सपर्ट: विनोद खोसला…

AI को आधार से जोड़कर सबको मिल सकते हैं ट्यूटर, डॉक्टर, कृषि एक्सपर्ट: विनोद खोसला…

DESK: वेंचर कैपिटलिस्ट (VC) विनोद खोसला ने अगले कुछ वर्षों में भारतीय नागरिकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से ऑपरेट होने वाले ट्यूटर, डॉक्टर एवं कृषि एक्सपर्ट्स उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी रूपरेखा पेश करते हुए गुरुवार को कहा कि इन सार्वजनिक सेवाओं को ‘आधार’ इकोसिस्टम में इंटीग्रेड किया जा सकता है।

AI सेवाएं आधार-यूपीआई से जुड़ें
खोसला ने नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इन एआई सिस्टम्स के निर्माण एवं संचालन के लिए पहले एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई जाए जिसे बाद में आधार सिस्टम में ट्रासंफर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसे एक इंटीग्रेटेड पेमेंट सिस्टम (यूपीआई) जैसी सेवा के साथ भी जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, “आधार ने हमें यूपीआई जैसी सुविधा उपलब्ध कराई। उसी पहचान-आधारित सिस्टम पर, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से तैयार है, हम एक या दो वर्षों में हर भारतीय को ये सार्वजनिक सेवाएं दे सकते हैं।”

खोसला ने इस पर जोर दिया कि देश को एआई के ऐसे उपयोगो पर ध्यान देना चाहिए, जो सीधे तौर पर आबादी के निचले आधे हिस्से को लाभ पहुंचाएं, तभी एआई का राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी प्रभाव दिखेगा।

AI से शिक्षा-स्वास्थ्य में बदलाव की उम्मीद
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि एआई-आधारित व्यक्तिगत ट्यूटर कोई भविष्य की अवधारणा नहीं हैं, बल्कि लाखों छात्रों पहले से ही इसका उपयोग कर रहे हैं। ऐसे ट्यूटर छात्र की सीखने की कमी को पहचान कर पाठ्यक्रम को उसी के हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये सिस्टम्स सरकार के ‘दीक्षा’ मंच की उपयोगिता को भी बढ़ा सकती हैं, क्योंकि यह उपलब्ध व्यापक सामग्री को व्यवस्थित एवं व्यक्तिगत बना सकती हैं।

स्वास्थ्य सेवा के संदर्भ में उन्होंने 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली एआई-आधारित प्राथमिक उपचार प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो लगभग नगण्य लागत पर पुरानी बीमारियों के प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, फिजियोथेरेपी और पोषण मार्गदर्शन जैसी सेवाएं प्रदान कर सके।

कृषि सेक्टर के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि छोटी जोत वाले किसानों सहित हर किसान को एआई के माध्यम से ‘पीएचडी स्तर के कृषि विशेषज्ञ’ तक 24 घंटे पहुंच उपलब्ध कराई जा सकती है। खोसला ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसी सेवाओं को एआई के जरिये बड़े पैमाने पर सुलभ बनाना अपेक्षाकृत कम लागत में संभव है और ऐसा न करना देश के लिए एक बड़ा अवसर गंवाने जैसा साबित हो सकता है।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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