रांची(RANCHI) कुख्यात अपराधी अमन साहू गैंग के विरुद्ध झारखंड पुलिस की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच भी तेज हो गई है। राज्य में टेरर फंडिंग के विभिन्न मामलों में विभिन्न नक्सली संगठनों के विरुद्ध जांच कर रही एनआईए ने अब अमन साहू गैंग के विरुद्ध टेंरर फंडिंग के बिंदु पर जांच तेज की है।
इसी क्रम में जांच एजेंसी ने बुधवार को रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के मतवे स्थित आवास के अलावा कांके थाना क्षेत्र के बुकरू निवासी अमन साहू के रिश्तेदार संजय प्रसाद साहू के आवास पर भी एनआईए ने छापेमारी की है। इसी तरह हजारीबाग के गिद्दी में भी अमन साहू के एक करीबी के यहां छापा पड़ा है।
दिनभर चली छापेमारी में एनआईए ने आय-व्यय, निवेश संबंधित कागजातों को तलाशा है। बुढ़मू स्थित आवास से एनआईए ने एक फर्च्यूनर गाड़ी जेएच01ईवी 4900 को जब्त किया है, जिसे बुढ़मू थाने में रखा गया है। एनआईए यह पता लगा रही है कि लेवी-रंगदारी के रुपयों को अमन साहू व उसके रिश्तेदारों ने कहां-कहां निवेश किया है।
लातेहार के बालूमाथ स्थित तेतरियाखाड़ कोलियरी में गोलीबारी मामले में टेरर फंडिंग के तहत एनआईए जांच कर रही है। दिसंबर 2020 में बालूमाथ थाने में दर्ज इस केस को एनआईए ने मार्च 2021 में अपने हाथ में लिया था। इस केस में एनआईए ने अब तक कुल 24 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट किया है। वर्तमान में अमन साहू पलामू जेल में बंद है।
भागलपुर के शंकर यादव को पकड़ा तो ठिकाने से मिले थे 1.30 करोड़ रुपये नकदी
एनआईए ने अमन साहू के लेवी-रंगदारी के रुपयों के निवेशक व खास सहयोगी शंकर यादव को फरवरी में भागलपुर से गिरफ्तार किया था। वह अमन साहू के लेवी-रंगदारी के रुपयों को रियल इस्टेट में निवेश करता था।
एनआईए ने उसके पास से 1.30 करोड़ रुपये नकदी बरामद किया था। फरवरी में एनआईए ने भागलपुर के अलावा पूर्णिया व मधेपुरा में भी छापा मारा था। तब एनआईए ने पांच मोबाइल, एक हार्ड डिस्क, एक मैगजीन के साथ एक राइफल, एक पिस्तौल, दो मैगजीन व 63 कारतूस बरामद किया था।
गैंगस्टर सुजीत सिन्हा, अमन साहू गैंग पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
दिसंबर 2020 में घटित घटना में लातेहार के बालूमाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें अपराधिक गिरोह सुजीत सिन्हा, अमन साहू गिरोह पर तेतरियाखाड़ कोलियरी में गोलीबारी का आरोप लगा था। एनआईए की जांच के अनुसार अमन साहू गिरोह झारखंड में कई सनसनीखेज अपराधों में शामिल था।
इनमें एक डीएसपी पर गोलीबारी और व्यवसायियों और ठेकेदारों पर हमला, उनसे जबरन लेवी-रंगदारी वसूली का मामला भी शामिल है। इस गिरोह ने झारखंड के बाहर विभिन्न टूटे हुए नक्सली संगठनों और अन्य संगठित आपराधिक गिरोहों के साथ भी संबंध विकसित किए थे।
क्या है मामला
लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र में सीसीएल के तेतरियाखाड़ कोलियरी में आगजनी व गोलीबारी की घटना 18 दिसंबर 2020 को हुई थी। तब अपराधियों ने चार ट्रक व एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना में चार आम नागरिक जख्मी हुए थे।
इस घटना में शामिल अपराधी सुजीत सिन्हा व अमन साहू गिरोह के थे। तेतरियाखाड़ की इस घटना में दर्ज केस को टेकओवर करते हुए एनआईए ने अपनी रांची शाखा में चार मार्च 2021 को केस दर्ज किया था। आपराधिक गिरोह के दोनों सरगना पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
एनआईए ने पूर्व में दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया था कि तेतरियाखाड़ कोलियरी में गोलीबारी व आगजनी की घटना लेवी के लिए दहशत फैलाने के उद्देश्य से अपराधियों ने की थी। इस घटना में एनआईए ने झारखंड-बिहार के अपराधियों पर चार्जशीट दाखिल की थी।
NEWS ANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट…
