पूर्व सांसद डॉ. आरके सिन्हा का निधन
पटना। बिहार का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले पूर्व सांसद, उद्यमी, लेखक और पत्रकार डॉ. आरके सिन्हा (रवींद्र किशोर सिन्हा) का निधन हो गया। उन्होंने 30 अक्टूबर की सुबह दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से बिहार के सामाजिक, राजनीतिक और कारोबारी क्षेत्रों में शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. सिन्हा लंबे समय से कोमा में थे। उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन चिकित्सकों की कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।
पटना से शुरू हुआ था सफर, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बनाई पहचान
डॉ. आरके सिन्हा को बिहार के उन लोगों में गिना जाता था, जिन्होंने अपने काम और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रियता के जरिए राज्य को व्यापक पहचान दिलाई। पूर्व सांसद होने के साथ-साथ वे उद्यमिता, लेखन, पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे।
उनका सार्वजनिक जीवन कई क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए जाना जाता था। बिहार से शुरू हुआ उनका सफर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा।
सामाजिक सरोकारों में भी रही सक्रिय भूमिका
डॉ. सिन्हा को उद्यमी और लेखक के रूप में पहचान मिलने के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के लिए भी जाना जाता था। पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उनके निधन को बिहार के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
पटना में होगा अंतिम संस्कार
प्राप्त सूचना के मुताबिक, डॉ. आरके सिन्हा का अंतिम संस्कार पटना में किया जाएगा। हालांकि, अंतिम संस्कार का समय और अन्य कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
उनके निधन की खबर के बाद शुभचिंतकों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों में शोक है। बिहार ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी पहचान राजनीति, उद्योग, लेखन, पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों तक फैली हुई थी।

