श्यामडीह में गर्भपात के दौरान महिला की मौत
धनबाद: कतरास थाना क्षेत्र के श्यामडीह स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर और नर्सिंग होम में गुरुवार तड़के गर्भपात के दौरान 26 वर्षीय किरण कुमारी की मौत हो गई। मामले में आरोप है कि गर्भ में लड़की होने की जानकारी मिलने के बाद गर्भपात कराया जा रहा था। इससे पहले सरायढेला स्थित नीलांचल कॉलोनी के पास रिलीफ डायग्नोस्टिक सेंटर में किरण की भ्रूण जांच कराए जाने की बात सामने आई है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर पीसी-पीएनडीटी टीम और स्वास्थ्य विभाग ने दोनों केंद्रों की जांच की। सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया है। पुलिस ने सेंटर संचालक सचिन कुमार केवट उर्फ पवन और मृतका के पति सोनू केवट को गिरफ्तार किया है। वहीं, रिलीफ डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर एक कर्मी को हिरासत में लिया गया है।
2019 में हुई थी शादी, दो साल की बेटी है
मृतका के ममेरे भाई चंद्रिका कुमार के अनुसार, किरण की शादी वर्ष 2019 में हुई थी। उसकी करीब दो साल की एक बेटी है। दूसरी बार गर्भवती होने के बाद धनबाद में उसकी भ्रूण जांच कराई गई थी। परिजनों का आरोप है कि जांच में गर्भ में लड़की होने की जानकारी मिलने के बाद श्यामडीह स्थित केंद्र में गर्भपात कराने की व्यवस्था की गई।
हालांकि, भ्रूण के लिंग की जांच और उसके आधार पर गर्भपात कराए जाने के आरोपों की पुलिस और स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहे हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
बिना चिकित्सक गर्भपात कराने का आरोप
किरण के पिता राजेंद्र केवट ने कतरास थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सेंटर संचालक, अपने दामाद और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पिता का आरोप है कि केंद्र में उचित चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की मौजूदगी के बिना गर्भपात कराया जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, इस दौरान किरण को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर स्थिति में उसे संजीवनी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
रिलीफ डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन सील
सूत्रों के अनुसार, पीसी-पीएनडीटी टीम को सूचना मिली थी कि किरण की मौत से पहले सरायढेला स्थित रिलीफ डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूण जांच कराई गई थी। आरोप है कि केंद्र के एक कर्मी ने यह जांच की थी। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर गुरुवार शाम टीम ने केंद्र में छापेमारी की।
जांच के दौरान वहां लगी अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई और एक कर्मी को हिरासत में लिया गया। टीम भ्रूण के लिंग की जांच कराए जाने के आरोप की भी पड़ताल कर रही है। इस मामले में पीसी-पीएनडीटी कानून के संभावित उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर से सामान जब्त
घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम लोकेश कुमार और सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद श्यामडीह पहुंचे। अधिकारियों ने सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया और वहां से कई सामान जब्त किए। जब्त सामग्री में भ्रूण से संबंधित अवशेष होने की बात भी सामने आई है।
इसके बाद अधिकारियों ने संजीवनी नर्सिंग होम पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि सेंटर में चिकित्सक के बिना अवैध तरीके से गर्भपात कराए जाने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची की एफएसएल टीम और धनबाद के सिविल सर्जन को भी सूचना दी गई है।
मेडिकल टीम की निगरानी में होगा पोस्टमार्टम
एसडीपीओ के अनुसार, मेडिकल टीम गठित कर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस भ्रूण के लिंग की जांच, गर्भपात की प्रक्रिया और महिला की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन कर रही है। फिलहाल सेंटर संचाल
