झारखंड में चक्रवात अर्नब का असर, कई जिलों में बारिश और तेज हवा की आशंका
रांची। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव झारखंड में दिखाई देने लगा है। राज्य के कई जिलों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम में आए बदलाव के कारण कई शहरों के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए अलग-अलग जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, 29 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब का झारखंड में व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर लोगों को मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
छह जिलों में भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की हवा का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश, वज्रपात तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं रांची, खूंटी, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भी भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचना चाहिए। वज्रपात की आशंका होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है।
रांची, जमशेदपुर और चाईबासा में दर्ज हुई बारिश
चक्रवात के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रांची में चार मिलीमीटर, लातेहार में आठ मिलीमीटर, जमशेदपुर में नौ मिलीमीटर, मेदिनीनगर में दो मिलीमीटर, चाईबासा में 13 मिलीमीटर और बोकारो में दो मिलीमीटर बारिश हुई।
लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण राज्य के लगभग सभी जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। रांची के अधिकतम तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। जमशेदपुर और मेदिनीनगर में 4.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो में 3.4 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
तापमान में आई इस कमी से मौसम पहले की तुलना में ठंडा महसूस हो रहा है। हालांकि, बारिश और तेज हवा का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रह सकता है।
आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर हो रहा तूफान
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, अंडमान सागर से उठी मौसमी गतिविधि 23 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी तक पहुंची थी। इसके बाद 26 अक्टूबर को बने निम्न दबाव के क्षेत्र से चक्रवाती तूफान अर्नब विकसित हुआ। बुधवार सुबह तूफान के आंध्र प्रदेश और यनम के तट से टकराने के दौरान इसकी रफ्तार लगभग 135 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई।
इसके बाद तूफान के कमजोर होने और धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने के संकेत मिले हैं। इसके बावजूद झारखंड में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बने रहने की संभावना जताई गई है।
3 नवंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक और मौसमी सिस्टम बन रहा है। इसके प्रभाव से 30 अक्टूबर को झारखंड के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की आशंका है। इस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
31 अक्टूबर को भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। एक नवंबर से चक्रवात अर्नब का प्रभाव कमजोर पड़ने के साथ बादलों के धीरे-धीरे छंटने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तीन नवंबर से राज्य में मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।
फिलहाल लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के बदलाव पर नजर रखने और बारिश, वज्रपात तथा तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

