पटना में मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
पटना। बिहार में विकास योजनाओं की प्रगति, बुनियादी ढांचे के रखरखाव और दिवाली-छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव शामिल हुए। सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। सड़क-पुलों के रखरखाव, स्वच्छ ऊर्जा, नशामुक्ति अभियान और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।
12 नवंबर तक सड़कों और पुलों का संयुक्त निरीक्षण
पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान राज्य की सड़कों और पुलों की नियमित निगरानी तथा रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच संयुक्त निरीक्षण की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया है।
सभी कार्यपालक अभियंताओं को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिलाधिकारियों को प्रत्येक डिवीजन के लिए एक अधिकारी नामित करने और 12 नवंबर तक संयुक्त निरीक्षण पूरा कराने को कहा गया है। निरीक्षण रिपोर्ट PMIS पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
दिवाली के बाद लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सड़कों और साइन बोर्डों को दुरुस्त करने तथा ‘कायाकल्प अभियान’ के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश भी दिया गया। खराब सड़कों के निरीक्षण में वीडियो कैमरों के उपयोग और स्ट्रीट लाइटों को पूरी तरह चालू रखने पर जोर दिया गया। इस मामले में लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने की बात कही गई।
नौ जिलों में गैस पाइपलाइन का काम तेज करने का निर्देश
बैठक में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की भी समीक्षा की गई। मुजफ्फरपुर, पटना, वैशाली, सारण और गया सहित प्रमुख जिलों में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की उपलब्धता तथा बिक्री की प्रगति पर चर्चा हुई।
अधिकारियों को उन नौ जिलों में काम तेज करने का निर्देश दिया गया, जहां गैस नेटवर्क के विस्तार के लिए भूमि आवंटन और पाइपलाइन बिछाने की अनुमति लंबित है। इसके अलावा प्रीपेड और स्मार्ट मीटर

