झरिया में ‘Beyond the Classroom’ शैक्षणिक सत्र का आयोजन
झरिया, 26 अक्टूबर। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना या डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन की परिस्थितियों को समझना और बेहतर इंसान बनना भी है। यह संदेश सोमवार को झरिया में आयोजित ‘Beyond the Classroom – Where Learning Meets Life’ कार्यक्रम में प्रख्यात वक्ता एवं शिक्षाविद् प्रो. डॉ. राहुल अवस्थी ने विद्यार्थियों को दिया।
मारवाड़ी सम्मेलन, झरिया और सरस भारत के संयुक्त तत्वावधान में महाराजा श्री अग्रसेन जयंती पखवाड़ा–2026 के अंतर्गत यह कार्यक्रम श्री अग्रवाल धर्मशाला (नया भवन), झरिया में आयोजित किया गया। सत्र में विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और जीवन के अनुभवों से सीखने के महत्व के बारे में बताया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कोल इंडिया के पूर्व महाप्रबंधक डॉ. सुशील साहिल और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जमशेदपुर के साकची थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, पूर्व कुलपति डॉ. सर्वेश त्रिपाठी, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार सोनी सुगंधा और प्रो. डॉ. राहुल अवस्थी मौजूद रहे।

अंक और डिग्री से आगे है शिक्षा का उद्देश्य
अपने संबोधन में प्रो. डॉ. राहुल अवस्थी ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ अपने आसपास के वातावरण, लोगों के अनुभवों और रोजमर्रा की परिस्थितियों से भी सीखना चाहिए। उनके अनुसार, जिज्ञासा, तार्किक सोच, संवाद कौशल और सही निर्णय लेने की क्षमता जीवन में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचियों को पहचानने, सवाल पूछने में संकोच नहीं करने और असफलताओं को सीखने के अवसर के रूप में स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा व्यक्ति के विचारों का विस्तार करती है, आत्मविश्वास बढ़ाती है और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करती है।
विद्यार्थियों के सवालों का दिया जवाब
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों के साथ आयोजित प्रत्यक्ष संवाद सत्र रहा। इसमें विद्यार्थियों ने शिक्षा, करियर, जीवन के लक्ष्य और व्यक्तिगत विकास से जुड़े सवाल वक्ता के सामने रखे।
प्रो. डॉ. राहुल अवस्थी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सहज और तार्किक तरीके से समाधान किया। इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने भविष्य और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विषयों पर नए दृष्टिकोण से विचार करने का अवसर मिला।
आयोजन में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महाराजा श्री अग्रसेन जयंती पखवाड़ा के संयोजक डॉ. मनीष शर्मा, मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त सचिव मोहित अग्रवाल, बालिका विद्या मंदिर, झरिया के अध्यक्ष सीए दीपक अग्रवाल, विद्यालय के सचिव सुनील अग्रवाल, असीम अग्रवाल, कार्यक्रम प्रभारी मनोज खरकिया और दिनेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के शैक्षणिक सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे व्यावहारिक जीवन के अनुभवों से जोड़ना है। इसके जरिए उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल कक्षा और पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है। जीवन का प्रत्येक अनुभव सीखने, सोचने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है।

