धनबाद: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत संचालित योजनाओं में तेजी लाने और आम लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को समाहरणालय सभागार में डीएमएफटी की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, आंगनबाड़ी केंद्र, आजीविका, कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) और जल संरक्षण समेत विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
हर दिन वीडियो कॉल से होगी योजनाओं की मॉनिटरिंग
उपायुक्त ने सभी पीएमयू इकाइयों को निर्धारित लक्ष्यों और विभागीय मानकों के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से और समय पर लोगों तक पहुंचना चाहिए।
कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से मॉनिटरिंग करने को कहा गया। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और स्वरोजगार व आजीविका से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए चिह्नित होगी जमीन
बैठक में शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और नए भवनों के निर्माण पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित वार्ड पार्षदों से उपयुक्त जमीन की सूची प्राप्त करने का निर्देश दिया, ताकि केंद्रों के लिए भूमि चिह्नित की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण निर्धारित मानकों और प्रोटोकॉल के अनुसार ही होना चाहिए।

दो महीने में पूरा करना होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने सभी आवासीय विद्यालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अगले दो महीने के भीतर अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा कराने का निर्देश दिया।
इस कदम का उद्देश्य संबंधित संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच करना और संभावित जोखिमों की पहचान करना है।
एंबुलेंस ऐप से बुकिंग और लाइव ट्रैकिंग की तैयारी
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक समर्पित एंबुलेंस ऐप तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से मरीज अपने मोबाइल फोन से एंबुलेंस बुक कर सकेंगे। ऐप में एंबुलेंस की लाइव ट्रैकिंग की सुविधा भी प्रस्तावित है।
प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था से आपात स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
सहियाओं को प्रशिक्षण, विद्यालय जीर्णोद्धार में लापरवाही पर कार्रवाई
स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए सहिया रजिस्टर की नियमित समीक्षा वीडियो कॉल से की जाएगी। इसके अलावा शेष 1,000 सहियाओं को जल्द विशेष प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया।
विद्यालय जीर्णोद्धार योजना को लेकर उपायुक्त ने कहा कि जिन संवेदकों को एक वर्ष पहले वर्क ऑर्डर मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया है, उनका वर्क ऑर्डर रद्द किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि गवर्निंग काउंसिल की अगली बैठक से पहले यदि संबंधित कार्य शुरू नहीं हुए, तो योजनाओं को भी निरस्त किया जा सकता है।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज और डीएमएफटी पीएमयू के कर्मी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी संबंधित इकाइयों को विभागों के साथ समन्वय बनाकर तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।

