कोडरमा: जिले के जयनगर प्रखंड की हीरोडीह पंचायत के रेभनाडीह गांव में रेलवे अंडरपास की मांग एक बार फिर उठी है। झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं बरकट्ठा के पूर्व विधायक जानकी प्रसाद यादव ने गांव में आवागमन की समस्या को गंभीर बताते हुए रेलवे प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
उनके अनुसार, रेलवे लाइन और लोहे की चादरों से बनी बाउंड्री के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, युवाओं और किसानों के आवागमन पर भी इसका असर पड़ रहा है।
मालगाड़ी के नीचे से गुजरने की आई नौबत
जानकी प्रसाद यादव के मुताबिक, रेभनाडीह जाने के दौरान उन्हें काफी देर तक ट्रेन के गुजरने का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन्हें लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से झुककर निकलना पड़ा। बताया गया कि मालगाड़ी को कोयला लेकर बांझेडीह स्थित केटीपीएस की ओर जाना था।
उन्होंने रेलवे लाइन के आसपास बनी बाउंड्री के कारण रास्ता संकरा होने और लोगों को झुककर निकलने की समस्या का भी उल्लेख किया। ऐसी परिस्थितियां लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हालांकि, रेलवे प्रशासन का पक्ष इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

रेलवे लाइन से गांव और खेतों का संपर्क प्रभावित
यादव के अनुसार, हीरोडीह और रेभनाडीह के ग्रामीणों की खेती की जमीन रेलवे लाइन के दोनों ओर स्थित है। रेल निर्माण के समय ग्रामीणों ने अपनी जमीन दी थी, लेकिन अब रेलवे लाइन के कारण गांव के दोनों हिस्सों के बीच आवागमन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि रेभनाडीह और आसपास के कई आबादी वाले गांवों के लोगों के लिए कोडरमा जिला मुख्यालय और झुमरी तिलैया बाजार तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। उनका दावा है कि धनबाद-गया रेलखंड पर दोहरीकरण के दौरान किए गए सर्वे में स्थानीय जरूरतों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया था और इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं।
फुट ओवरब्रिज के बाद भी अंडरपास की मांग
जानकी प्रसाद यादव ने कहा कि हीरोडीह स्टेशन रोड के लिए जमीन उपलब्ध कराने और रेभनाडीह में रेलवे अंडरपास बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उनके अनुसार, विधायक रहते हुए भी उन्होंने रेल मंत्री को ज्ञापन देकर इस समस्या से अवगत कराया था।
उन्होंने कहा कि फुट ओवरब्रिज बनने के बावजूद ग्रामीणों की आवाजाही की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, अंडरपास बनने से स्थानीय लोगों, किसानों और विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है।
डीआरएम धनबाद से उच्चस्तरीय निरीक्षण की मांग
आयोग अध्यक्ष ने धनबाद रेल मंडल के डीआरएम और सीनियर डीएमई से उच्चस्तरीय टीम गठित कर रेभनाडीह गांव का स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक रेलवे अंडरपास का निर्माण नहीं होता, तब तक क्षेत्र के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
यादव ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर क्षेत्र में जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है। अब इस मामले में रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

