मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: देश के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में पेश किए गए जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। बुधवार को खुला यह आईपीओ महज 100 मिनट में 100 प्रतिशत सब्सक्राइब हो गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इश्यू कुल 1.14 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
बड़े संस्थागत निवेशकों यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी में 3.68 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। वहीं, पहले दिन निवेशकों की ओर से 10 लाख से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी दी गई है। आईपीओ में आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है।
एंकर निवेशकों से भी मिला 30 गुना से ज्यादा रिस्पॉन्स
जियो आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी इश्यू खुलने से पहले ही दिखाई देने लगी थी। एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित लगभग ₹8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की बोलियां मिली थीं। यह आरक्षित हिस्से की तुलना में 30 गुना से ज्यादा मांग को दर्शाता है।
एंकर निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को लगभग ₹500 करोड़ का सबसे बड़ा आवंटन मिलने की जानकारी दी गई है। एंकर निवेशकों की ओर से मिले इस रिस्पॉन्स ने आईपीओ को लेकर बाजार की उम्मीदों को बढ़ाया।
हुंडई का रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकता है जियो IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में नया रिकॉर्ड बनाने की ओर है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया का ₹27,870 करोड़ का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ था।
जियो आईपीओ के लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है। इश्यू के आकार और शुरुआती सब्सक्रिप्शन को देखते हुए बाजार की नजर अब आगे के आवेदन आंकड़ों और शेयर आवंटन पर रहेगी।
रिलायंस के शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ का आरक्षण
इस आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। उनके लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं।
पात्र निवेशक शेयरधारक श्रेणी के साथ रिटेल श्रेणी में भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित पात्रता और आवेदन नियमों को पूरा करते हों। इससे उन्हें अलग-अलग श्रेणियों के तहत शेयर आवंटन का अवसर मिल सकता है। हालांकि, आवेदन करने से शेयर मिलना सुनिश्चित नहीं होता।
निवेशकों की नजर अब सब्सक्रिप्शन और अलॉटमेंट पर
पहले ही दिन मिले मजबूत रिस्पॉन्स के बाद जियो आईपीओ को लेकर निवेशकों की नजर अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और शेयर आवंटन प्रक्रिया पर रहेगी। संस्थागत निवेशकों की मांग के साथ रिटेल और अन्य श्रेणियों के आंकड़े भी आईपीओ की कुल मांग की तस्वीर स्पष्ट करेंगे।
निवेशकों को आवेदन से पहले प्राइस बैंड, अपनी पात्रता, जोखिम और संबंधित श्रेणी के नियमों की जांच करनी चाहिए। किसी भी आईपीओ में मजबूत सब्सक्रिप्शन भविष्य में लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं देता।

