रजरप्पा: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को अपनी मां रूपी सोरेन की अस्थि लेकर रजरप्पा पहुंचे। यहां दामोदर नदी स्थित जाङ बाहा तुपुनाई घाट पर अस्थि विसर्जन से जुड़ी रस्में संथाली रीति-रिवाज और पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार निभाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री अपने परिवार के सदस्यों के साथ घाट पहुंचे, जहां संथाली परंपरा के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
दामोदर नदी के जाङ बाहा तुपुनाई घाट पर अनुष्ठान
रजरप्पा स्थित दामोदर नदी के जाङ बाहा तुपुनाई घाट पर रूपी सोरेन की अस्थि विसर्जन से संबंधित पारंपरिक रस्में आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान संथाली रीति-रिवाजों और निर्धारित विधि-विधान का पालन किया जा रहा है।
परिवार के सदस्यों और संबंधित लोगों की मौजूदगी में धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है।
संथाली परंपरा के जानकारों की देखरेख में हो रही रस्में
घाट पर अस्थि विसर्जन से जुड़ी पारंपरिक रस्में घाट प्रगणक जगेश्वर सोरेन, प्राणिक वीरेंद्र मुर्मू, संरक्षक महावीर मुर्मू, कमल सोरेन और महेश मुर्मू की देखरेख में कराई जा रही हैं।
अनुष्ठान के दौरान संथाली परंपरा के अनुसार निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अपनी मां की अस्थि विसर्जन से जुड़ी रस्मों में शामिल हैं।
पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न हो रही धार्मिक प्रक्रिया
जाङ बाहा तुपुनाई घाट पर परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में अस्थि विसर्जन से संबंधित धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। पूरी प्रक्रिया संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराई जा रही है।
स्रोत: प्रभात खबर नेटवर्क

