जामताड़ा/मिहिजाम, रिपोर्ट: आरपी सिंह। मिहिजाम के प्रतिष्ठित निवासी और वरिष्ठ समाजसेवी रामेश्वर तिवारी का शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी के अवसर पर निधन हो गया। वह करीब 85 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से मिहिजाम और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।
रामेश्वर तिवारी मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन में समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में योगदान दिया। उनके निधन को परिवार, परिचितों और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए रामेश्वर तिवारी
रामेश्वर तिवारी अपने पीछे तीन पुत्रों, दो पुत्रियों, पौत्र-पौत्रियों और अन्य परिजनों से भरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्रों में डॉ. योगेंद्र तिवारी, जोगेंदर तिवारी और अमरेन्द्र तिवारी शामिल हैं। डॉ. योगेंद्र तिवारी चिकित्सक हैं।
उनके निधन की सूचना मिलने के बाद परिजनों, शुभचिंतकों और परिचितों के बीच शोक व्याप्त है। लोग शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
महाअष्टमी के दिन निधन से जुड़ी धार्मिक आस्था
रामेश्वर तिवारी धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। महाअष्टमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धालु सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
परिजनों और श्रद्धालुओं की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन तिथि पर उनका निधन विशेष आध्यात्मिक भाव से देखा जा रहा है।
सोमवार सुबह चित्तरंजन में होगा अंतिम संस्कार
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामेश्वर तिवारी की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह 5 बजे मिहिजाम-चित्तरंजन रोड स्थित उनके निवास से निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार चित्तरंजन के वार्निंग घाट पर किया जाएगा।
अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए परिजन, मित्र और शुभचिंतक उनके निवास पर पहुंच रहे हैं। इस दुख की घड़ी में लोग तिवारी परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
शोकाकुल परिवार ने दी श्रद्धांजलि की जानकारी
रामेश्वर तिवारी के पुत्र डॉ. योगेंद्र तिवारी, जोगेंदर तिवारी और अमरेन्द्र तिवारी सहित समस्त शोकाकुल परिवार और मित्रों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति! शांति! शांति!

