जामताड़ा। शारदीय नवरात्र और दुर्गापूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जामताड़ा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। पुलिस के बाइक दस्ते और वाहनों पर लगी लाल-नीली बत्तियों तथा सायरन के बीच जवानों की सक्रियता दिखाई दे रही है। पूजा पंडालों से लेकर प्रमुख बाजारों तक सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बनाए रखना है।
जिलेभर में फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
एसपी शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर पुलिस अलग-अलग थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस की सक्रियता का उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्कता बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
पूजा पंडालों और बाजारों में CCTV से निगरानी
जामताड़ा और मिहिजाम सहित जिले के प्रमुख बाजारों तथा छोटे-बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर घटनाओं की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन ने मोबाइल नेटवर्क संचालकों को नेटवर्क की गुणवत्ता दुरुस्त रखने का निर्देश भी दिया है, ताकि आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन के बीच संचार व्यवस्था प्रभावित न हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर जोर
दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों और बाजारों में पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस की सतर्कता के साथ नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन की कोशिश है कि लोग बिना भय और असुविधा के पूजा-अर्चना कर सकें तथा उत्सव शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
पुलिस की मौजूदगी और निगरानी व्यवस्था से सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है।
नवरात्र का संदेश: सद्भाव और भाईचारे को दें प्राथमिकता
शारदीय नवरात्र केवल शक्ति की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का अवसर भी है। इस दौरान लोगों से आपसी मतभेद, अहंकार और वैमनस्य को पीछे छोड़कर विश्वास, सहिष्णुता और भाईचारे को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
त्योहार की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब समाज के सभी लोग एक-दूसरे की आस्था और भावनाओं का सम्मान करें। प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की जिम्मेदारी मिलकर शांतिपूर्ण माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
पुलिस और जनता के सहयोग से शांतिपूर्ण दुर्गापूजा की उम्मीद
दुर्गापूजा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन सामाजिक शांति बनाए रखने में आम नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। सतर्कता, आपसी सम्मान और जिम्मेदार व्यवहार के जरिए त्योहार को सुरक्षित तथा सौहार्दपूर्ण बनाया जा सकता है।
जामताड़ा पुलिस की तैयारियों के बीच उम्मीद है कि जिले में दुर्गापूजा का आयोजन शांति, सुरक्षा और भाईचारे के वातावरण में संपन्न होगा।
रिपोर्टर: आर. पी. सिंह, जामताड़ा

