IIT ISM Dhanbad News: ‘मनस्विता 2026’ कार्यशाला में शामिल हुए तीन प्रोफेसर, मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ेगी जागरूकता

IIT ISM Dhanbad News: ‘मनस्विता 2026’ कार्यशाला में शामिल हुए तीन प्रोफेसर, मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ेगी जागरूकता

धनबाद। IIT (ISM) धनबाद के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने IIT भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय ‘मनस्विता 2026’ कार्यशाला में भाग लिया। मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और समग्र कल्याण यानी वेल-बीइंग पर केंद्रित इस कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से किया गया। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और छात्रों तथा शिक्षकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के उपायों पर चर्चा करना था।

IIT भुवनेश्वर में आयोजित हुई मनस्विता 2026

‘मनस्विता 2026’ क्षमता निर्माण कार्यशाला में पूर्वी भारत के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और समग्र वेल-बीइंग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को अधिक महत्व देना और ऐसे प्रभावी तरीके विकसित करना है, जिनसे छात्रों और शिक्षकों को लाभ मिल सके।

IIT ISM धनबाद के तीन शिक्षकों ने लिया हिस्सा

कार्यशाला में IIT (ISM) धनबाद की ओर से तीन शिक्षक शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार, माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. अंकुश गलाव और ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. दीपिका शर्मा शामिल थीं।

तीनों शिक्षकों की भागीदारी का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग से जुड़े प्रभावी तरीकों की समझ विकसित करना तथा संस्थान में इनसे संबंधित प्रयासों को मजबूती देना है।

छात्रों और शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को मिलेगा बढ़ावा

कार्यशाला में मिली जानकारी और अनुभवों से IIT (ISM) धनबाद में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे छात्रों और शिक्षकों के लिए भावनात्मक मजबूती तथा समग्र कल्याण से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर जोर

उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई और कैंपस जीवन के दौरान मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ‘मनस्विता 2026’ जैसी कार्यशालाएं संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने और जागरूकता बढ़ाने के अवसर प्रदान करती हैं।

IIT (ISM) धनबाद के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी से संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग को लेकर भविष्य में बेहतर पहल विकसित करने की उम्मीद है।

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