धनबाद। बकाया भुगतान नहीं होने से धनबाद के संवेदकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संवेदक संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने दावा किया है कि भुगतान के अभाव में इस वर्ष संवेदक दुर्गा पूजा का उत्सव नहीं मना पाएंगे। इसी मुद्दे को लेकर 15 अक्टूबर 2026 को धनबाद के संवेदकों ने रामगढ़ जिले के नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने उठाया भुगतान का मुद्दा
संवेदक संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बकाया भुगतान से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। संघ के अनुसार, कई कार्य पूरे होने के बावजूद संवेदकों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
रॉयल्टी नियमावली को बताया भुगतान में देरी की वजह
संवेदक संघ का कहना है कि 27 अप्रैल 2026 को रॉयल्टी नियमावली लागू होने से पहले किए गए कार्यों का भुगतान लंबित है। संघ के अनुसार, इस संबंध में सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
संवेदकों ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट मार्गदर्शन जारी करने और लंबित भुगतान का रास्ता निकालने की मांग की है।
भुगतान नहीं मिलने से दुर्गा पूजा पर असर
अध्यक्ष आकाश रवानी ने कहा कि भुगतान नहीं होने के कारण संवेदकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि बकाया राशि नहीं मिलने से इस बार दुर्गा पूजा का त्योहार मनाना भी मुश्किल हो सकता है।
संघ का आग्रह है कि त्योहार को देखते हुए सरकार लंबित भुगतान के मामले में जल्द निर्णय ले, ताकि संवेदकों को राहत मिल सके।
स्वर्गीय रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान संवेदकों ने स्वर्गीय रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और मातृशोक के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर संवेदक संघ के उपाध्यक्ष काशीनाथ प्रसाद, महासचिव सुमित घोष, सचिव रशाद खान समेत अन्य सदस्य मौजूद थे। अब संवेदकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी भुगतान संबंधी समस्याओं पर जल्द स्पष्ट निर्णय लेगी।
संपादकीय नोट: भुगतान लंबित होने और रॉयल्टी नियमावली से संबंधित दावों को संवेदक संघ के आरोप एवं पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रकाशन से पहले संबंधित विभाग से बकाया भुगतान की स्थिति और नियमावली के प्रभाव की पुष्टि करना उचित होगा।

