सिमडेगा: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जापान में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर महिला हॉकी का एशियन गेम्स खिताब जीता। भारत ने इससे पहले 1982 में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक हासिल किया था।
इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड के सिमडेगा की तीन बेटियों की भी अहम मौजूदगी रही। भारतीय टीम की कप्तान सलीमा टेटे, स्टार स्ट्राइकर ब्यूटी डुंगडुंग और फॉरवर्ड दीपिका सोरेंग इस स्वर्णिम अभियान का हिस्सा रहीं। टीम की जीत के बाद सिमडेगा में खेलप्रेमियों और हॉकी खिलाड़ियों के बीच उत्साह का माहौल है।
सिमडेगा में जीत का जश्न
भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद सिमडेगा में खिलाड़ियों और हॉकी प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े लोगों ने खुशी मनाई। स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ जश्न मनाया और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर अपनी खुशी जाहिर की।
सिमडेगा लंबे समय से हॉकी प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। जिले से निकलने वाली खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी में अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में महिला टीम का एशियन गेम्स गोल्ड जीतना स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी खास उपलब्धि माना जा रहा है।
फाइनल में चीन को 1-0 से दी मात
भारत और चीन के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा रहा। भारत की ओर से लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए कई हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने लगातार दबाव का सामना किया।
गोलकीपर सविता पूनिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने चीन के पेनल्टी स्ट्रोक को रोककर भारत की बढ़त बरकरार रखी। आखिर तक भारतीय टीम ने चीन को गोल करने का मौका नहीं दिया और 1-0 की बढ़त के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफाई कर लिया है।
सिमडेगा की तीन बेटियों को उपायुक्त ने दी बधाई
सिमडेगा की तीनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर उपायुक्त कंचन सिंह ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ-साथ सिमडेगा का भी गौरव बढ़ाया है।
उपायुक्त ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हॉकी का अभ्यास कर रही बेटियों के लिए प्रेरणा है। सीमित संसाधनों के बीच सिमडेगा की बेटियां लगातार खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
आने वाली पीढ़ियों के लिए बनीं प्रेरणा
सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग की यह उपलब्धि सिमडेगा की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। एशियन गेम्स में भारत की ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर झारखंड की हॉकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
उपायुक्त ने तीनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

