IIT ISM धनबाद में Mining for Viksit Bharat 2047 पर मंथन, भविष्य की माइनिंग पर विशेषज्ञों की चर्चा

IIT ISM धनबाद में Mining for Viksit Bharat 2047 पर मंथन, भविष्य की माइनिंग पर विशेषज्ञों की चर्चा

धनबाद। भारत में सस्टेनेबल, तकनीक आधारित, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार माइनिंग सेक्टर विकसित करने के उद्देश्य से IIT (ISM) धनबाद में दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित यह कॉन्फ्रेंस “Mining for Viksit Bharat-2047 (MVB@2047)” विषय पर केंद्रित है।

शनिवार को गोल्डन जुबली लेक्चर थिएटर में शुरू हुए सम्मेलन में सरकार, नियामक संस्थाओं, खनन उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स, माइनिंग प्रोफेशनल्स और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में जिम्मेदार खनिज दोहन से लेकर क्रिटिकल मिनरल्स, डी-कार्बोनाइजेशन, माइन सेफ्टी और नई तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।

क्रिटिकल मिनरल्स और जिम्मेदार माइनिंग पर जोर

कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य भविष्य में भारत की खनिज जरूरतों और माइनिंग सेक्टर की चुनौतियों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है। चर्चा में सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल मिनरल एक्सट्रैक्शन, क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षा, डी-कार्बोनाइजेशन, रिन्यूएबल एनर्जी, माइन सेफ्टी और उत्पादकता जैसे विषय शामिल हैं।

उद्घाटन समारोह में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के CMD डॉ. सतीश झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं JMS Mining Pvt. Ltd. के डायरेक्टर कल्याण कुमार हाजरा, Hindalco Industries Limited के प्रेसिडेंट एंड हेड बिजेश कुमार झा, CSIR-CIMFR के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा और IIEST Shibpur के निदेशक प्रो. V.M.S.R. मूर्ति गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहे।

AI और ऑटोमेशन से लेकर डिजिटल माइनिंग तक चर्चा

MVB@2047 के कन्वेनर प्रो. आर.के. सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत किया। को-कन्वेनर प्रो. अंकुश गलाव ने सम्मेलन के उद्देश्य और प्रमुख विषयों की जानकारी दी।

माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. बी.एस. चौधरी ने देश की भविष्य की खनिज जरूरतों को पूरा करने में तकनीक और जिम्मेदार माइनिंग की भूमिका पर जोर दिया। वहीं IIT (ISM) के डायरेक्टर (CD) प्रो. सरत कुमार दास ने माइनिंग सेक्टर के विकास के लिए एकेडमिया, इंडस्ट्री और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

पहले दिन के तकनीकी सत्रों में नेट-जीरो माइनिंग, नेक्स्ट जेनरेशन माइनिंग टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स पर चर्चा हुई। AI आधारित ओपन-पिट माइन प्लानिंग, Explainable AI, मशीन लर्निंग और माइनिंग ऑपरेशंस के डिजिटलीकरण जैसे विषयों पर भी शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।

LiDAR, रडार और रिमोट सेंसिंग तकनीक पर भी मंथन

सम्मेलन में माइनिंग क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों पर भी विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। LiDAR और रडार आधारित सेंसर टेक्नोलॉजी, ब्लास्ट डिजाइन, रिमोट सेंसिंग और मशीन लर्निंग के जरिए रेयर अर्थ एलिमेंट एक्सप्लोरेशन जैसे विषय चर्चा में रहे।

इसके अलावा लॉन्गवॉल माइनिंग ऑप्टिमाइजेशन और सी-माइनिंग टेक्नोलॉजी पर भी तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रोड्यूसर गैस जनरेशन, कोल बेस्ड फ्यूल रिक्वायरमेंट, फ्लाई ऐश और माइन ओवरबर्डन के उपयोग से जुड़े विषय भी सम्मेलन का हिस्सा रहे।

दूसरे दिन माइन सेफ्टी और पॉलिसी पर फोकस

रविवार को सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन माइन सेफ्टी, हेल्थ और ह्यूमन-सेंट्रिक माइनिंग पर विशेष फोकस रहेगा। इस दौरान स्लोप स्टेबिलिटी, मैकेनाइज्ड माइनिंग, ग्राउंड वाइब्रेशन, टनल स्टेबिलिटी और ऑक्यूपेशनल हेल्थ जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।

इसके साथ पॉलिसी, गवर्नेंस, हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और AI/ML से जुड़े सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

सम्मेलन के समापन पर रेकमेंडेशन कमेटी की चर्चा होगी और MVB@2047 Conference Recommendations को अपनाया जाएगा। इसके बाद वैलिडिक्टरी समारोह के साथ दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का समापन होगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान MVB@2047 कॉन्फ्रेंस सॉवेनियर का विमोचन भी किया गया और मुख्य अतिथि व गेस्ट ऑफ ऑनर को सम्मानित किया गया।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *