धनबाद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर धनबाद के गांधी सेवा सदन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लोकसभा के पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह और समाजसेवी कुंभनाथ सिंह ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। दोनों ने गांधी और शास्त्री के विचारों को याद करते हुए लोगों से सत्य, अहिंसा और ईमानदारी के मार्ग पर चलने की अपील की।
पशुपतिनाथ सिंह ने गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को किया याद
पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के बल पर देश की स्वतंत्रता की लड़ाई का नेतृत्व किया।
उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन सत्य, अहिंसा और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है। आज भी उनके विचार समाज और देश के लिए प्रासंगिक हैं। लोगों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
लाल बहादुर शास्त्री की ईमानदारी को भी किया याद
पशुपतिनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन और योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व और दिए गए ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे ने देशवासियों को प्रेरित किया।
पूर्व सांसद ने कहा कि दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर नागरिकों को देश की एकता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए।

समाजसेवी कुंभनाथ सिंह ने भी अर्पित किए श्रद्धासुमन
धनबाद के समाजसेवी कुंभनाथ सिंह भी गांधी सेवा सदन पहुंचे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को पूरे देश में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। दोनों महापुरुषों ने अपने विचारों और कार्यों से देश को दिशा दी। उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने की अपील
कुंभनाथ सिंह ने कहा कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत तथा शास्त्री जी की ईमानदारी और सादगी आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने लोगों से दोनों महापुरुषों के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और समाज तक पहुंचाने की अपील की।
गांधी सेवा सदन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर उनके आदर्शों को आत्मसात करने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया गया।

