पाकुड़ में स्कूलों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर, बच्चों के लिए लगेंगे स्वास्थ्य जांच शिविर

पाकुड़ में स्कूलों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर, बच्चों के लिए लगेंगे स्वास्थ्य जांच शिविर

पाकुड़। जिले के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। समाहरणालय सभागार में उनकी अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें मध्याह्न भोजन योजना, खाद्यान्न की उपलब्धता, कुकिंग कॉस्ट और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों से विद्यालयों में शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। साथ ही, मध्याह्न भोजन की नियमित निगरानी और निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और पोषण पर जोर

बैठक में विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को योजना की नियमित निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि भोजन की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए भोजन वितरण की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।

खाद्यान्न और रसोइयों के मानदेय की हुई समीक्षा

बैठक में मध्याह्न भोजन के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता और हर महीने समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसके अलावा भोजन तैयार करने में होने वाले खर्च यानी कुकिंग कॉस्ट की भी समीक्षा की गई।

रसोइया-सह-सहायिकाओं के मानदेय को लेकर अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। पंजीकरण पूरा होने के बाद मानदेय भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

बैठक में बच्चों को भोजन के साथ अंडा देने और अंडा नहीं खाने वाले बच्चों को उसके विकल्प के रूप में फल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।

स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच होगी

उपायुक्त ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। इन शिविरों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ दिव्यांगता की पहचान पर भी ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जरूरतमंद बच्चों को चिन्हित किया जाए, ताकि उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा सकें।

दिव्यांग बच्चों को एलिम्को से मिलेंगे सहायक उपकरण

बैठक में निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य जांच के दौरान चिन्हित दिव्यांग बच्चों को जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए एलिम्को के माध्यम से आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और योजनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सभी पात्र बच्चों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।

बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ), प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ), संकुल संसाधन व्यक्ति (सीआरपी) सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक में विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभागीय समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया।

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