BBMKU का दीक्षांत समारोह 9 अक्टूबर को, 250 विद्यार्थियों को मिलेंगी डिग्रियां

BBMKU का दीक्षांत समारोह 9 अक्टूबर को, 250 विद्यार्थियों को मिलेंगी डिग्रियां

धनबाद। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) में आगामी 9 अक्टूबर को दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह दोपहर 2:30 बजे राज्यपाल की उपस्थिति में होगा। इसमें लगभग 250 विद्यार्थियों को डिग्रियां और पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय की सिनेट बैठक में दीक्षांत समारोह के साथ शैक्षणिक विकास, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में धनबाद और टुंडी के विधायकों सहित सिनेट के सदस्यों का पारंपरिक ‘जोहार’ के साथ स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र को नियमित करने और विद्यार्थियों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

9 अक्टूबर को होगा दीक्षांत समारोह

सिनेट की बैठक में विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर चर्चा की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 9 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे आयोजित होने वाले समारोह में करीब 250 विद्यार्थियों को डिग्रियां और पुरस्कार दिए जाएंगे।

बैठक में छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराने और शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने की जरूरत पर जोर दिया गया। इसके लिए डिजिटल प्रणालियों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से डिजिटल व्यवस्था पर जोर

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) जैसी डिजिटल व्यवस्था लागू करने की बात कही।

इस प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थियों के अकादमिक क्रेडिट का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और शैक्षणिक प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों को समय पर शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और सत्र में होने वाली देरी को कम किया जा सके।

रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की बढ़ रही मांग

बैठक में विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों की रुचि में आ रहे बदलाव पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, संसाधनों और शिक्षकों की कमी के बावजूद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है।

पारंपरिक पाठ्यक्रमों की तुलना में व्यावसायिक और रोजगारपरक कोर्स की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। इनमें बीएससी नर्सिंग, एलएलबी और एमसीए जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।

इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार से जुड़ी संभावनाओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

कम दाखिले वाले कोर्स बंद नहीं, स्टैंडबाय मोड में रहेंगे

विश्वविद्यालय ने कम दाखिले वाले पाठ्यक्रमों को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। बैठक में कहा गया कि कम नामांकन के आधार पर किसी भी कोर्स को सीधे बंद करने के बजाय उसे फिलहाल ‘फ्रीज’ या ‘स्टैंडबाय मोड’ में रखा जाएगा।

भविष्य में जरूरत और विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए इन पाठ्यक्रमों को फिर से शुरू करने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को शामिल कर प्रासंगिक बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई।

सिनेट की अगली बैठक में एजेंडे पर होगा अंतिम निर्णय

बैठक में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि सिनेट के सदस्य बैठक के एजेंडे का गहन अध्ययन करेंगे। इसके बाद 13 तारीख को प्रस्तावित अगली बैठक में संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय बुनियादी समस्याओं और त्योहारों के दौरान डीजे पर प्रतिबंध के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाय सरकार को ध्वनि की एक निश्चित डेसिबल सीमा तय करनी चाहिए, ताकि लोग नियमों का पालन करते हुए अपनी परंपराओं और उत्सवों को मना सकें।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *