धनबाद। जमीन के फर्जी सौदे के जरिए 42.80 लाख रुपये की ठगी किए जाने के आरोप में सरायढेला पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा है। पीड़ित उमेश कुमार सिंह का आरोप है कि जिस जमीन का उनके साथ सौदा किया गया था, वह बाद में गैरमजरुआ यानी सरकारी जमीन निकली। पीड़ित के मुताबिक, रकम वापस करने के बजाय आरोपियों ने उसी जमीन को वर्ष 2025 में किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया।
मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
2022 में हुआ जमीन का सौदा, 42.80 लाख रुपये का भुगतान
पीड़ित उमेश कुमार सिंह के अनुसार, वर्ष 2022 में करीब 6.21 लाख रुपये प्रति कट्ठा की दर से जमीन का सौदा हुआ था। सौदे के बाद उन्होंने बैंक खाते के माध्यम से कुल 42.80 लाख रुपये का भुगतान किया।
पीड़ित का कहना है कि भुगतान के बाद स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट भी किया गया था। उनके अनुसार, जमीन के सौदे और भुगतान से संबंधित दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं।
कुछ समय बाद उन्हें जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिली।
जमीन गैरमजरुआ सरकारी होने की जानकारी मिलने का दावा
उमेश कुमार सिंह के मुताबिक, सौदा होने के करीब एक साल बाद उन्हें पता चला कि जिस जमीन के लिए उन्होंने रकम दी थी, वह खराब और गैरमजरुआ सरकारी जमीन है।
इसके बाद उन्होंने जमीन पर अपना दावा छोड़ते हुए अपनी रकम वापस करने की मांग की। रकम वापस नहीं मिलने पर मामला अदालत तक पहुंचा। पीड़ित के अनुसार, इस मामले से संबंधित मुकदमा फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
पैसे वापस किए बिना जमीन दूसरे व्यक्ति को बेचने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि रकम वापस होने तक जमीन पर उनके अधिकार को लेकर आरोपियों से सहमति बनी हुई थी। उनका कहना है कि आरोपियों ने उन्हें भरोसा दिया था कि जब तक पूरी रकम का हिसाब नहीं हो जाता, तब तक जमीन पर कोई बाउंड्री नहीं बनाई जाएगी।
हालांकि, पीड़ित के मुताबिक, वर्ष 2025 में उसी जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। जब नया खरीदार जमीन पर बाउंड्री कराने पहुंचा तो उमेश कुमार सिंह ने इसका विरोध किया।
इसी विवाद के बीच पुलिस कार्रवाई तक मामला पहुंचा।
गिरोह बनाकर फर्जीवाड़े का आरोप
पीड़ित ने कुछ लोगों पर मिलकर जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उन्होंने राजीव रंजन, प्रभात यादव, कुंदन सिंह, प्रशांत, मनीष शर्मा और प्रवीण सिन्हा समेत कई लोगों के नाम लिए हैं।
पीड़ित का आरोप है कि ये लोग फर्जी बिल्डर और कंपनियों के नाम पर कार्यालय खोलकर लोगों को जमीन के नाम पर ठगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोग अंचल अधिकारी, अपर समाहर्ता और उपायुक्त स्तर तक अपनी पहुंच होने का दावा करते थे।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच जारी है।
112 पर सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
पीड़ित के अनुसार, घटना के दिन कुछ लोग कथित तौर पर जमीन पर घेराबंदी कराने पहुंचे थे। इस पर उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और एक आरोपी को पकड़कर सरायढेला थाना ले गई। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस पूरे मामले में जमीन के दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और आरोपों की जांच कर रही है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने और अपनी 42.80 लाख रुपये की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

