वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, हाल के दिनों में अमेरिकी प्रयासों के तहत इस रणनीतिक जलमार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया है।
ट्रंप ने ईरान की स्थिति को भी खराब बताया और कहा कि अंततः ईरान को संघर्ष में पीछे हटना पड़ेगा। व्हाइट हाउस में मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान उनसे पूछा गया था कि क्या ईरान युद्ध में हार मानने की स्थिति में पहुंच रहा है। इस पर ट्रंप ने कहा कि ईरान फिलहाल बहुत खराब स्थिति में है और अंत में उसे हार माननी होगी।
होर्मुज से तेल की आवाजाही को लेकर अमेरिका का दावा
होर्मुज स्ट्रेट इस संघर्ष में सबसे अहम रणनीतिक बिंदुओं में से एक बना हुआ है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी सैन्य मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए व्यावसायिक जहाजों को इस मार्ग से निकलने में मदद मिल रही है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में एक दिन करीब 17 मिलियन बैरल तेल और गैस उत्पाद होर्मुज से होकर गुजरे थे। यह फरवरी में शुरू हुए युद्ध के बाद सबसे अधिक दैनिक मात्रा बताई गई थी। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के आंकड़ों को लेकर हालांकि स्वतंत्र शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों में अंतर भी सामने आया है।
अमेरिकी प्रशासन इससे यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि संघर्ष के बावजूद खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा की आवाजाही पूरी तरह बाधित नहीं हुई है।
ईरान की स्थिति खराब होने का ट्रंप ने किया दावा
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के उद्देश्य को दोहराते हुए कहा है कि उनका प्रमुख लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई। अप्रैल में संघर्षविराम हुआ और जून में दोनों पक्षों के बीच एक समझौते की कोशिश हुई, जिसमें होर्मुज को फिर से खोलने और आगे व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत का रास्ता तय किया गया था। हालांकि, यह व्यवस्था बाद में टिक नहीं सकी और संघर्ष दोबारा तेज हो गया।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखा रोडमैप
हाल के दिनों में ईरान की ओर से संघर्ष खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने आया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, प्रस्ताव में सात दिनों के भीतर शुरुआती कदम उठाने और छठे दिन होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की योजना शामिल है। इसके बाद सातवें दिन अमेरिका के साथ व्यापक बातचीत शुरू करने की बात कही गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में राहत देने और करीब 12 अरब डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसी मांगें रखी हैं। इसके बदले तेहरान होर्मुज को फिर से खोलने और आगे परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह रहा है।
समझौते पर दोनों देशों के रुख में अब भी अंतर
ईरान की ओर से प्रस्ताव आने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम के अलावा व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को भी किसी संभावित समझौते में शामिल करना चाहता है।
वहीं, ईरान का कहना है कि वह दबाव या धमकी के तहत समझौता स्वीकार नहीं करेगा। कतर समेत कुछ क्षेत्रीय देश दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं।
फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति ही इस पूरे संघर्ष का सबसे अहम आर्थिक और रणनीतिक मुद्दा बनी हुई है। दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास जारी हैं, लेकिन युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने और जलमार्ग को पूरी तरह सामान्य बनाने पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।

