पाकुड़: SIR-2026 को लेकर सोमवार को पाकुड़ समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत निर्वाचन आयोग के सचिव संजीव कुमार प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज के अलावा जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के ERO, AERO और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
अपात्र मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होने पर जोर
निर्वाचन आयोग के सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची तैयार करने के दौरान पात्रता के साथ-साथ अपात्र मतदाताओं की पहचान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने दस्तावेजों के सत्यापन में पूरी सावधानी बरतने को कहा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि संदिग्ध या गलत दस्तावेजों के आधार पर किसी तरह की कार्रवाई न हो और पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही पूरी की जाए।

11 दस्तावेजों में से एक वैध दस्तावेज जरूरी
बैठक में बताया गया कि निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कम से कम एक वैध दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है। दस्तावेजों के आधार पर संबंधित मामलों का सत्यापन किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान ERO और AERO की ओर से प्रक्रिया को लेकर सामने आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सरल मामलों का पहले करें निस्तारण
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में दस्तावेज और रिकॉर्ड स्पष्ट हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
वहीं, जिन मामलों में दस्तावेज या मतदाता विवरण संदिग्ध हों, उनके लिए अलग से प्रतिवेदन तैयार कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने को कहा गया। इससे जटिल मामलों में जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने पर जोर दिया गया।

त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची पर फोकस
बैठक में मतदाता सूची को अधिक सटीक, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि SIR-2026 के तहत होने वाली पूरी प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
निर्वाचन आयोग के सचिव ने समय-सीमा के भीतर पुनरीक्षण कार्य पूरा करने के साथ पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने और अपात्र नामों को शामिल होने से रोकने के लिए सावधानीपूर्वक काम करने को कहा।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सत्यापन और सुनवाई से जुड़े सभी मामलों का निर्धारित तिथि तक निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
