धनबाद। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और युवा पीढ़ी को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को बीएसएस बालिका उच्च विद्यालय में विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला सड़क सुरक्षा समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सड़क पर सुरक्षित चलने और वाहन चलाते समय जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें खुद यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
सड़क हादसों के प्रभाव की दी जानकारी
सड़क सुरक्षा प्रबंधक सुनील कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों और इनके कारण परिवारों पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे सड़क पर हमेशा सतर्क रहें और अपने परिजनों को भी सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम में मोटरयान निरीक्षक हरीश कुमार ने छात्राओं को बुनियादी यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट के इस्तेमाल को जरूरी बताया।
इसके अलावा छात्राओं को ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और वाहन चलाते समय ओवरस्पीडिंग से बचने की सलाह दी गई।
Zebra Crossing का सही इस्तेमाल समझाया
मोटरयान निरीक्षक ने छात्राओं को सड़क पार करते समय Zebra Crossing के सही इस्तेमाल के बारे में भी बताया। उन्हें समझाया गया कि सड़क पार करते समय निर्धारित स्थान का उपयोग करना और आसपास के वाहनों पर ध्यान देना जरूरी है।
कार्यक्रम में सड़क पर पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों के लिए यातायात नियमों के महत्व पर चर्चा की गई।
छात्राओं ने लिया सड़क सुरक्षा नियमों का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करने और अपने आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। जिला सड़क सुरक्षा समिति की ओर से इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

