पाकुड़। जिले के अमड़ापाड़ा मुख्य बाजार में जर्जर सड़क को लेकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। ग्रामीणों ने अमड़ापाड़ा-दुमका मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पानी से भरे गड्ढों में धान की रोपनी कर अपनी नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क लंबे समय से खराब है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर आवागमन और भी मुश्किल हो गया है।
सड़क के गड्ढों में धान रोपकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के गड्ढों में जमा पानी के बीच धान की रोपनी की। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि गड्ढों में पानी भरने के बाद यह खेत जैसी दिखाई देने लगी है।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि खराब सड़क के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है।
तीन घंटे तक सड़क जाम, वाहनों की लगी कतार
ग्रामीणों के प्रदर्शन के कारण अमड़ापाड़ा-दुमका मुख्य सड़क करीब तीन घंटे तक जाम रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सड़क की स्थिति को लेकर सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार सड़क की मरम्मत का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के दौरान पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है।
पाकुड़ की अन्य सड़कों की हालत पर भी सवाल
बारिश के बाद पाकुड़ जिले की कई प्रमुख सड़कों की स्थिति खराब होने की बात सामने आ रही है। पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क के कई हिस्सों में भी जर्जर स्थिति की शिकायत है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रमुख सड़कों की समय पर मरम्मत नहीं होने से लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है।

