रणधीर वर्मा चौक पर राजद का पुतला दहन
धनबाद। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
धनबाद में हुआ प्रदर्शन राजद की ओर से बिहार में चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चलाए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों की कड़ी के रूप में सामने आया है। 25 सितंबर को बिहार में राजद ने इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया था।
राघवेंद्र यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
राजद के धनबाद जिला अध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के निर्देश तथा प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव के आह्वान पर प्रदेशभर में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर भी प्रदर्शन किया गया। राघवेंद्र यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए उनके कार्यकाल में हुए चुनावों की जांच कराने की मांग की।
राजद नेता ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत संबंधित चुनावों की जांच की मांग के साथ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
SIR को लेकर राजद ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान राजद की महिला नेत्री गुलशन ठाकुर ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
राजद नेताओं ने चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की। हालांकि, ये आरोप राजद नेताओं द्वारा लगाए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जा सकता।
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं और मतदाता सूची से नाम जोड़ने, सुधार तथा प्रस्तावित नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं।
इस्तीफा नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
राजद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी। नेताओं ने कहा कि आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाते हुए डीसी कार्यालय और संसद भवन तक ले जाने की तैयारी है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजद की ओर से बिहार और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में हुए चुनावों को लेकर भी जांच और पुनः चुनाव कराने की मांग उठाई गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, राजद ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।

