इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के गुलिस्तान सेक्टर में गुरुवार को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान लड़ाकों के बीच झड़प होने की खबर है।
पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अफगान तालिबान के लड़ाकों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी क्षेत्र में दाखिल होने और वहां हमला करने की कोशिश की। इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की।
पाकिस्तानी पक्ष ने इस कार्रवाई में कई अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, मृतकों की संख्या और झड़प की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अफगान तालिबान की ओर से भी इस घटना पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हमले का पाकिस्तान का दावा
गुलिस्तान में झड़प से पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी दी थी।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार, बुधवार को अफगानिस्तान की ओर से ड्रोन पाकिस्तान में दाखिल हुए थे। पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए सैन्य कार्रवाई की।
तरार ने कहा कि पाकिस्तान ने आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उन स्थानों को निशाना बनाया, जहां से कथित तौर पर ड्रोन लॉन्च किए जा रहे थे या उन्हें रखा गया था। उनके मुताबिक, कार्रवाई को संबंधित सैन्य ठिकानों तक सीमित रखा गया।
हालांकि, पाकिस्तान के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अफगान तालिबान ने नागरिकों की मौत का किया दावा
अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के हवाई और ड्रोन हमलों पर प्रतिक्रिया दी।
मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी हमलों में चार अफगान नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा करते हुए जवाब देने की बात कही।
अफगान पक्ष ने पाकिस्तान के उस दावे को भी खारिज किया कि अफगानिस्तान की ओर से ड्रोन हमले किए गए थे। इस तरह दोनों देशों के बीच घटना को लेकर दावे और आरोप अलग-अलग हैं।
पाकिस्तान ने 8 ड्रोन गिराने का किया था दावा
तनाव बढ़ने से एक दिन पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसके सुरक्षा बलों ने आठ ड्रोन मार गिराए हैं। पाकिस्तान के मुताबिक, इनमें चार ड्रोन तोरखम सीमा के पास और चार खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट के आसपास गिराए गए।
अफगानिस्तान ने इन घटनाओं में अपनी भूमिका से इनकार किया था। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी सामने आई।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के कारण दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव और बढ़ गया है।
TTP को लेकर लंबे समय से जारी है विवाद
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की एक प्रमुख वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद भी है।
पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि TTP से जुड़े लोगों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिल रहे हैं और वहां से पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती है।
अफगान तालिबान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। उसका कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने दिया जाता।
सैन्य कार्रवाई के बीच बढ़ी क्षेत्रीय चिंता
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया घटनाक्रम में हवाई हमले, ड्रोन से जुड़े आरोप और सीमा पर सशस्त्र झड़प की खबरें सामने आई हैं। दोनों पक्ष अपनी-अपनी कार्रवाई को सुरक्षा और आत्मरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।
वहीं, नागरिकों के हताहत होने को लेकर भी दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में घटनाओं से जुड़े कई विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
दोनों देशों के बीच तनाव का आगे क्या असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में सीमा पर सुरक्षा स्थिति और दोनों सरकारों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगा।

