तुर्की। तुर्की में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। यूरोपियन मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर यानी EMSC के मुताबिक, गुरुवार को पूर्वी तुर्की में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई।
भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है। कम गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके आसपास के इलाकों में अधिक स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं।
सानलिउर्फा के पास आया भूकंप
जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके दक्षिण-पूर्वी तुर्की के कई शहरों में महसूस किए गए। तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी AFAD ने बताया कि भूकंप सुबह करीब 10 बजकर 40 मिनट पर आया।
भूकंप का केंद्र सानलिउर्फा शहर के उत्तर में बताया गया है। सानलिउर्फा प्रांत के कई लोगों ने तेज झटके महसूस होने की जानकारी दी।
हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार अभी तक किसी बड़े नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
लोगों को महसूस हुए तेज झटके, नुकसान की जानकारी नहीं
भूकंप के झटकों के बाद प्रभावित इलाकों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी। लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि धरती में कंपन काफी तेजी से महसूस हुआ।
प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी बड़े भवन के क्षतिग्रस्त होने या जनहानि की पुष्टि नहीं की गई है। किसी भी संभावित नुकसान का आकलन संबंधित एजेंसियों की ओर से किया जा सकता है।
फरवरी 2023 में आया था तुर्की का विनाशकारी भूकंप
तुर्की में भूकंप का जिक्र होते ही फरवरी 2023 की त्रासदी याद आती है। 6 फरवरी 2023 को दक्षिणी तुर्की में सीरिया की उत्तरी सीमा के पास 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था।
अमेरिकी सरकारी एजेंसी NCEI Hazard Earthquake Information-NOAA के अनुसार, इस भूकंप के करीब 11 मिनट बाद 6.7 तीव्रता का एक और बड़ा झटका आया था। यह भूकंप कम गहराई पर स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग के कारण आया था।
2023 के भूकंप में 50 हजार से अधिक लोगों की हुई थी मौत
फरवरी 2023 के भूकंप में तुर्की और सीरिया में 50 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इस आपदा से बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास का लंबा अभियान चलाना पड़ा।
तुर्की का दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में हर बड़े भूकंप के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ जाती है।
धरती के अंदर प्लेटों की हलचल से आता है भूकंप
भूकंप आने की प्रमुख वजह धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है। पृथ्वी की ऊपरी परत यानी क्रस्ट कई बड़ी और छोटी चट्टानी प्लेटों से मिलकर बनी है।
ये प्लेटें धरती के अंदर मौजूद गर्म मेंटल के ऊपर बेहद धीमी गति से लगातार गतिशील रहती हैं। जब इनके बीच तनाव बढ़ता है और चट्टानों में अचानक हलचल होती है, तो ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है। इसी वजह से धरती की सतह पर भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

