बलियापुर (धनबाद)। बीबीएम इंटर महाविद्यालय परिसर में झारखंड आंदोलन के प्रणेता श्रद्धेय बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन बीबीएम इंटर महाविद्यालय विकास समिति और बीबीएम डिग्री महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
समारोह की शुरुआत अतिथियों ने बिनोद बाबू के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की। इस दौरान उनके विचारों, सामाजिक योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद किया गया।
प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी प्रतिभागियों को मिला सम्मान
जयंती समारोह के दौरान विशेष प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
आयोजकों ने कहा कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने से युवाओं में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, प्रतिभा और सामाजिक योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया।

क्षेत्र के किसानों को भी किया गया सम्मानित
समारोह में क्षेत्र के किसानों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। किसानों को समाज और अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि किसान समाज के लिए अन्नदाता की भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रतिभावान युवाओं के साथ किसानों का सम्मान भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
चंद्रदेव महतो ने याद किया बिनोद बाबू का योगदान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने बिनोद बिहारी महतो के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू का संदेश “पढ़ो और लड़ो” आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के बिना सशक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है। युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।

पूर्व विधायक आनंद महतो ने की अध्यक्षता
समारोह की अध्यक्षता पूर्व विधायक आनंद महतो ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रो. वरुण सरकार ने किया।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में अधिवक्ता राहुल कुमार महतो, उप प्रमुख आशा देवी, गुरुचरण सिंह और मनमोहन ग्रोवर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. जितेंद्र महतो, प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार महतो, गणेश महतो, देवाशीष पांडेय, संतोष रवानी, बलराम महतो, कर्म सिंह, डॉ. परिमल महतो, प्रो. काजी असीर अहमद, सुनील कुमार महतो, स्वपन कुमार महतो, कामेश्वर महतो, पांचु महतो, डॉ. रामचंद्र यादव और लालजीत गोराई सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

