योगेंद्र साव का हेमंत सोरेन पर हमला, JSSC-CGL में 500 करोड़ घोटाले का दावा; CBI जांच की मांग

योगेंद्र साव का हेमंत सोरेन पर हमला, JSSC-CGL में 500 करोड़ घोटाले का दावा; CBI जांच की मांग

रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की हार, JSSC-CGL भर्ती प्रक्रिया और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को लेकर सवाल उठाए।

योगेंद्र साव ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की हार कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान पहुंच रहा है।

झारखंड में 18 जून 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव में JMM के बैद्यनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी विजयी हुए थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में क्रॉस-वोटिंग भी सामने आई थी।

JSSC-CGL में 500 करोड़ के घोटाले का दावा

योगेंद्र साव ने JSSC-CGL और JPSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में करीब 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और उनके पास इससे संबंधित पुख्ता सबूत मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र लंबे समय से परेशान हैं और मामला न्यायिक प्रक्रिया से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। योगेंद्र साव के मुताबिक, कई लोग उन्हें फोन के माध्यम से दस्तावेज और अन्य जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों को उचित मंच पर रखा जाएगा। पूर्व मंत्री ने मौजूदा जांच व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की।

500 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा फिलहाल योगेंद्र साव का आरोप है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि या जांच एजेंसी की ओर से इस दावे की पुष्टि की जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की हार पर सवाल

योगेंद्र साव ने 2026 के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया। उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास पर्याप्त विधायक होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव हारना गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री गठबंधन के विधायकों का नेतृत्व कर रहे थे, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में अपेक्षित वोट क्यों नहीं पड़े।

राज्यसभा चुनाव के परिणाम के अनुसार परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को 19 वोट मिले। तीन वोट अमान्य घोषित किए गए थे।

योगेंद्र साव ने परिमल नाथवानी और मुख्यमंत्री आवास से जुड़े अपने आरोपों का भी उल्लेख किया और कहा कि गठबंधन के विधायकों के साथ हुई बैठकों को लेकर भी सवाल उठने चाहिए।

असम और पश्चिम बंगाल चुनाव का भी किया जिक्र

कांग्रेस नेता ने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

योगेंद्र साव ने कहा कि वह कांग्रेस के खिलाफ नहीं हैं और खुद को राहुल गांधी का सच्चा सिपाही बताया। उनके अनुसार, कांग्रेस के हितों से जुड़े सवालों को पार्टी के भीतर उठाना जरूरी है।

हालांकि, असम और पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी उन्होंने अपने स्तर से दावे किए हैं। इन दावों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र तथ्य उपलब्ध होना जरूरी है।

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर भी उठाया सवाल

योगेंद्र साव ने झारखंड के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के असमय निधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय होना चाहिए।

सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर 2026 को निधन हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था और हृदयाघात से निधन की जानकारी सामने आई थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया था।

योगेंद्र साव ने अपने बयान में इस मामले को लेकर भी सवाल उठाए, लेकिन उनके द्वारा उठाई गई आशंकाओं के समर्थन में कोई स्वतंत्र जांच निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

इस तरह योगेंद्र साव ने एक ही प्रेस बयान में JSSC-CGL भर्ती, राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस और हेमंत सोरेन के राजनीतिक संबंधों तथा सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को लेकर कई मुद्दे उठाए और संबंधित मामलों में जवाब तथा जांच की मांग की।

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