धनबाद। कोयलांचल सहित धनबाद के विभिन्न इलाकों में कर्मा पूजा पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई जा रही है। भाई की लंबी आयु, स्वस्थ जीवन और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बहनों ने दिनभर उपवास रखा। शाम को पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना कर भाइयों की दीर्घायु की प्रार्थना की गई।
कर्मा पूजा को लेकर महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूजा के बाद पारंपरिक गीतों और झूमर नृत्य के बीच उत्सवी माहौल बना रहा।
भाई की लंबी आयु के लिए बहनों ने रखा उपवास

कर्मा पूजा भाई-बहन के प्रेम और आपसी रिश्ते से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
धनबाद के कई क्षेत्रों में बहनों ने सुबह से उपवास रखा। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को पूजा की तैयारियां की गईं। परिवार की महिलाओं ने एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अनुष्ठान पूरा किया।
पूजा के दौरान बहनों ने भगवान से अपने भाइयों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
मेथी पौधे की स्थापना कर की गई पूजा-अर्चना
कर्मा पूजा में मेथी पौधे का विशेष महत्व बताया जाता है। पूजा के अवसर पर बहनों ने मेथी पौधे को विधि-विधान के साथ स्थापित किया और उसकी पूजा की।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा की प्रक्रिया में परिवार और समाज की महिलाओं की सामूहिक भागीदारी रहती है। धनबाद के विभिन्न इलाकों में भी महिलाओं ने एकजुट होकर पूजा-अर्चना की और पर्व की परंपराओं को निभाया।
पूजा के दौरान घरों और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक वातावरण बना रहा।
पारंपरिक गीतों पर झूमर करती नजर आईं महिलाएं
कर्मा पूजा के दौरान पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक गीत और झूमर नृत्य भी आयोजित किया गया। महिलाओं ने समूह में पारंपरिक गीत गाए और उत्साह के साथ झूमर किया।
झूमर के दौरान महिलाओं की खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। पर्व के माध्यम से न केवल धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया, बल्कि लोक संस्कृति और पारंपरिक गीत-संगीत को भी जीवंत रखा गया।
कई स्थानों पर परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने नई पीढ़ी की महिलाओं और युवतियों को कर्मा पूजा की परंपराओं और महत्व की जानकारी दी।
भाई-बहन के प्रेम और लोक संस्कृति का प्रतीक है कर्मा पूजा
पूजा में शामिल एक बहन ने बताया कि कर्मा पूजा का पूरे वर्ष इंतजार रहता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और पारिवारिक रिश्ते का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि बहनें उपवास रखकर अपने भाइयों की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं। पूजा के दौरान सभी महिलाएं मिलकर पारंपरिक गीत गाती हैं और झूमर नृत्य करती हैं।
कर्मा पूजा को लेकर धनबाद और कोयलांचल के विभिन्न क्षेत्रों में उत्सवी माहौल बना हुआ है। पूजा-अर्चना, पारंपरिक गीतों और झूमर के बीच बहनें अपने भाइयों की खुशहाली और दीर्घायु की प्रार्थना कर रही हैं।

