जमुई नाबालिग छेड़खानी मामले में पुलिस का खुलासा, 3 नाबालिग निरुद्ध; 32 सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई

जमुई नाबालिग छेड़खानी मामले में पुलिस का खुलासा, 3 नाबालिग निरुद्ध; 32 सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई

जमुई। बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ कथित छेड़खानी और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमुई पुलिस ने मामले का आधिकारिक विवरण जारी करते हुए बताया कि घटना के संबंध में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

मामले में पुलिस ने वीडियो के जरिए नाबालिग की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को टेकडाउन कराया गया है।

जमुई थाना में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज

पुलिस के अनुसार, जमुई थाना में कांड संख्या 428 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 लगाई गई है।

पुलिस ने बताया कि घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6:25 बजे की है। नाबालिग लड़की अपने एक दोस्त के साथ जमुई-लखीसराय मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में फोटो खिंचवाने गई थी। इसी दौरान कुछ स्थानीय लड़कों द्वारा उसके साथ कथित तौर पर छेड़खानी किए जाने की बात सामने आई।

सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला सहायक अवर निरीक्षक पीड़िता के घर पहुंचीं और उसका बयान दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों को निरुद्ध कर लिया।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान दो से चार अन्य संदिग्धों की संभावित संलिप्तता भी सामने आई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस पूरे मामले की जांच उपलब्ध वीडियो, बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कर रही है।

नाबालिग की पहचान उजागर करने वालों पर भी कार्रवाई

जमुई पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और नाबालिग की पहचान उजागर करने के मामले को भी गंभीरता से लिया है।

पुलिस के अनुसार, अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 एक्स अकाउंट्स, यानी कुल 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स को टेकडाउन कराया जा चुका है।

पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नाबालिग का चेहरा दिखाकर या उसकी पहचान उजागर करने वाला वीडियो शेयर करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

POCSO और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस प्रशासन ने कहा है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन गंभीर अपराध है। वीडियो को डाउनलोड कर दोबारा अपलोड करने, शेयर करने या किसी अन्य माध्यम से प्रसारित करने वालों पर पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घटना से संबंधित वीडियो को आगे साझा न करें और किसी भी तरह से पीड़िता की पहचान उजागर करने से बचें।

अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

मामले में तीन नाबालिगों को निरुद्ध किए जाने के बाद पुलिस अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस की ओर से संभावित आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में आगे की जांच जारी है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *