तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ममता बनर्जी का समर्थन किया है। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
दीपके ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का रवैया बीजेपी के पक्ष में दिखाई देता है। इसी को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए। यह दीपके का राजनीतिक आरोप और टिप्पणी है। उपलब्ध रिपोर्टों में चुनाव आयोग की ओर से इस आरोप पर कोई जवाब शामिल नहीं है।
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद
दरअसल, TMC के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने फिलहाल पुराने नाम और चिन्ह को फ्रीज कर दिया है और दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए हैं।
ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिन्ह मिला है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह दिया गया है।
नंदीग्राम की उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया
इस विवाद के बीच ममता गुट की नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। यह फैसला चुनाव आयोग की ओर से नया नाम और चुनाव चिन्ह दिए जाने के कुछ घंटे बाद आया।
इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की। इस घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति में विवाद और बढ़ गया।
ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट
चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने TMC के पुराने नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के आयोग के फैसले को चुनौती दी है।
अब इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग के फैसले और TMC के नाम-चिन्ह को लेकर अंतिम स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अहम होगी।

