अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान अपना रुख नहीं बदलता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाने के विकल्प मौजूद हैं।
हालांकि, ट्रंप ने बातचीत की संभावना भी खुली रखी है। उन्होंने कहा कि वह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बातचीत के लिए तैयार हो सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई लेवल वीक शुरू होने वाला है। पेजेश्कियान को भी महासभा में शामिल होना है।
हूतियों के हमलों से भी बढ़ा तनाव
यमन के हूति विद्रोहियों के सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब ने बताया है कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया गया। इन हमलों के बाद अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी भी जारी की है।
ट्रंप ने बताया है कि अमेरिका हूतियों के संपर्क में है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन हूतियों को लेकर आगे की रणनीति पर भी विचार कर रहा है। फिलहाल वॉशिंगटन ने सीधे सैन्य कार्रवाई करने को लेकर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।
ट्रंप ने कैंप डेविड का दौरा बीच में छोड़ा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने कैंप डेविड का अपना सप्ताहांत प्रवास समय से पहले खत्म कर दिया और व्हाइट हाउस लौट आए। इसके बाद अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
ईरान ने बातचीत के लिए रखी शर्तें
ईरान की ओर से भी बातचीत के संकेत मिले हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए युद्ध खत्म करने के लिए अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई हैं। इनमें सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना, ईरान के फंड को अनफ्रीज करना और नौसैनिक नाकाबंदी हटाना शामिल बताया गया है।
UN महासभा में होगी अहम चर्चा
अब दुनियाभर के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष इस बैठक में प्रमुख मुद्दों में रहने की उम्मीद है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, हूतियों के हमले और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच कूटनीतिक बातचीत पर भी दुनिया की नजर रहेगी।

