पाकुड़। जिला मुख्यालय स्थित रविंद्र नगर भवन में जिला प्रशासन की ओर से ‘नव दिशा पाकुड़’ उद्घाटन एवं काउंसलिंग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ संस्कार, कौशल और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों और फिलोएड टेक के निदेशक एवं प्रबंधक ने संयुक्त रूप से ‘नव दिशा पाकुड़’ की मार्गदर्शिका का विमोचन किया।
समग्र शिक्षा और नवाचार आधारित गतिविधियों की शुरुआत
‘नव दिशा पाकुड़’ कार्यक्रम के तहत समग्र शिक्षा, संस्कार और नवाचार आधारित गतिविधियों की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों का विकास करना है।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में सीखने की क्षमता के साथ व्यवहारिक समझ, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यार्थियों में अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि ‘नव दिशा पाकुड़’ का उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित रखना नहीं है। इसके तहत विद्यार्थियों में व्यवहार, अनुशासन, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और रचनात्मक सोच जैसे गुण विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों से विद्यालय की संपत्ति को अपनी संपत्ति समझकर उसकी देखभाल करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की अपील की।

सम्मान, समानता और सहयोग की भावना का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान, समानता, सहयोग और आपसी समझ की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ सामाजिक व्यवहार और मानवीय मूल्यों की समझ भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत कार्यक्रम में संस्कार आधारित गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान
जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिता पुरती ने ‘नव दिशा पाकुड़’ कार्यक्रम के उद्देश्यों और इसके माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं और विद्यार्थियों को मिलने वाले संभावित मार्गदर्शन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के जरिए बच्चों को शिक्षा के साथ कौशल और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षा के साथ कौशल और संस्कार की नई दिशा
‘नव दिशा पाकुड़’ कार्यक्रम के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार, कौशल और नवाचार से जोड़ने की पहल की गई है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और रचनात्मक क्षमता विकसित करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकें। कार्यक्रम को जिले में विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

