सीतामढ़ी। बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ के तहत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के अंतर्गत शुक्रवार को समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता संजीव कुमार ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं।
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे अपर समाहर्ता के समक्ष रखीं। अधिकारियों की ओर से परिवादों को सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
भूमि और राजस्व से जुड़े कई मामले पहुंचे

जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोगों ने अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवेदन दिए। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले और अतिक्रमण से जुड़े परिवाद भी शामिल रहे।
अपर समाहर्ता ने प्राप्त आवेदनों की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों से शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया।
पेंशन और आवास योजना से जुड़ी शिकायतें
जनसुनवाई के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित समस्याएं भी सामने आईं। इसके अलावा आईसीडीएस से जुड़े मामलों को लेकर भी नागरिकों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
अपर समाहर्ता ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से प्राप्त शिकायतों के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।
बिजली, पानी, सड़क और राशन कार्ड की समस्याएं भी सुनी गईं
नागरिकों ने विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क और राशन कार्ड से संबंधित समस्याएं भी अपर समाहर्ता के समक्ष रखीं। अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की।
अपर समाहर्ता ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याओं के लिए लंबे समय तक परेशान न होना पड़े।
समय-सीमा में शिकायतों के समाधान का निर्देश
अपर समाहर्ता संजीव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करें।
उन्होंने शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान पर विशेष जोर दिया, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने पर जोर
अपर समाहर्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है। उन्होंने कहा कि शिकायतों को सीधे सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया से प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होता है।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी परिवादों को संबंधित विभागों के पास आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया। प्रशासन की ओर से शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निष्पादन पर जोर दिया गया।
रिपोर्ट: राहुल देव सोलंकी।

