धनबाद। रेलवे बोर्ड के साथ ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। AIRF के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व में विभिन्न जोन से फेडरेशन से संबद्ध यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पूर्व मध्य रेलवे जोन की ओर से ईसीआरकेयू के महामंत्री एसएनपी श्रीवास्तव बैठक में शामिल हुए। बैठक में रेल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए उनके समाधान की मांग की गई।
यात्रा भत्ता और लंबित भुगतान का मुद्दा उठा
AIRF की ओर से रेलकर्मियों के लंबित यात्रा भत्ता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि यात्रा भत्ता बंद होने से कर्मचारियों में असंतोष है और लंबित भुगतान से जुड़ी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही ओवरटाइम भत्ता, सीटीए और अन्य मदों के लिए क्षेत्रीय रेलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की गई। लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के किलोमीटर भत्ते की बकाया राशि के भुगतान का मुद्दा भी बैठक में रखा गया।
पूर्व मध्य रेलवे में रिक्त पद भरने की मांग
बैठक में पूर्व मध्य रेलवे में खाली पदों को जल्द भरने की मांग उठाई गई। विशेष रूप से सुरक्षा श्रेणी के रिक्त पदों को शीघ्र भरने पर जोर दिया गया।
AIRF की ओर से बढ़े हुए और नए कार्यों के अनुरूप नए पद सृजित करने की मांग भी रखी गई। क्षेत्रीय रेलवे और मंडलों की आवश्यकता के अनुसार रिक्त पदों को भरने की बात कही गई।
संगठन ने पर्यवेक्षकों के लिए नवसृजित 5,600 पदों से संबंधित आदेश जल्द जारी करने और ग्रुप ‘डी’ में 10 प्रतिशत अतिरिक्त भर्ती की मांग भी उठाई।
ट्रैकमैन और लोको पायलट से जुड़े मुद्दे भी उठे
बैठक में ट्रैकमैन की पेट्रोलिंग बीट को अधिकतम 12 किलोमीटर रखने की मांग की गई। साथ ही सहायक लोको पायलट की 50 प्रतिशत रिक्तियों को एक बार छूट देकर एलडीसीई के माध्यम से भरने का मुद्दा भी उठाया गया।
एलडीसीई में सभी विभागों के कर्मचारियों को अवसर देने और कैडर पुनर्गठन समिति की रिपोर्ट को AIRF की सहमति के बाद जल्द प्रकाशित करने की मांग रखी गई।
इसके अलावा वरीय गुड्स ट्रेन मैनेजर से वरीय पैसेंजर ट्रेन मैनेजर में पदोन्नति होने पर वेतन वृद्धि का लाभ 1 जनवरी 2006 से देने की मांग भी बैठक में उठाई गई।
रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत और नए आवास की मांग
रेलवे कर्मचारियों के आवास से जुड़े मुद्दे भी बैठक में रखे गए। रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत और रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई।
AIRF ने कहा कि आवास मरम्मत का काम CPWD मानकों के अनुसार होना चाहिए और प्रत्येक क्वार्टर के अनुरक्षण के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जर्जर रेलवे क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों के संबंध में भी मांग रखी गई कि नए क्वार्टर आवंटित करने के बाद ही पुराने आवासों को ध्वस्त किया जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं और कर्मचारियों के अधिकारों पर भी चर्चा
बैठक में रेलवे से अनुबंधित रेफरल अस्पतालों को भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को कैशलेस उपचार में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर अनुबंधित निजी अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
काम के निर्धारित घंटों से संबंधित HOER नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग रखी गई। बीएससी नर्सिंग की योग्यता रखने वाले नर्सिंग कर्मचारियों को दो वेतन वृद्धि का लाभ देने का मुद्दा भी बैठक में शामिल रहा।
इसके अलावा बाल देखभाल अवकाश के दूसरे वर्ष में पूर्ण वेतन का भुगतान, स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सुविधा पास जारी करने से संबंधित मामलों में राहत देने की मांग की गई।
निजी ठेकेदारों के कर्मचारियों के लिए सुविधाओं की मांग
AIRF ने निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि निजी ठेकेदार अपने कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दें और श्रम कानूनों के अनुसार सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
रेलवे प्रशासन को प्रधान नियोक्ता होने के नाते इन प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बैठक में रेलवे कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा के साथ उनके समाधान की मांग रेलवे बोर्ड के समक्ष रखी गई।

