रांची/धनबाद। धनबाद और गोविंदपुर में पिछले करीब एक महीने से संपत्ति निबंधन और उससे जुड़ी सेवाओं के प्रभावित होने का मामला सामने आया है। निबंधन कार्य को जल्द सामान्य कराने की मांग को लेकर भाजपा नेता मुकेश पांडेय के नेतृत्व में धनबाद एवं गोविंदपुर डीड राइटर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आम नागरिकों को हो रही परेशानियों का हवाला देते हुए निबंधन कार्यालयों में पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था करने और संपत्ति निबंधन कार्य को पूरी क्षमता के साथ शुरू कराने की मांग की।
SIR ड्यूटी के कारण निबंधन कार्य प्रभावित होने का दावा
एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि SIR (Special Intensive Revision) कार्य में निबंधन कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने के कारण धनबाद और गोविंदपुर में संपत्ति निबंधन का काम लगभग एक महीने से गंभीर रूप से प्रभावित है।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, निबंधन कार्य प्रभावित होने से बिक्री, खरीद, दान और बंटवारा समेत विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों के पंजीकरण में परेशानी हो रही है। इसके अलावा प्रमाणित प्रति यानी Certified Copy, NEC और निबंधन से संबंधित अन्य सेवाओं के लिए भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक लोन से लेकर न्यायालयीन मामलों तक परेशानी
ज्ञापन में आम लोगों के सामने उत्पन्न कई समस्याओं का उल्लेख किया गया है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि संपत्ति खरीदने वाले लोगों की बैंक लोन और होम लोन से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कुछ मामलों में ऋण की किस्त या EMI शुरू होने के बावजूद संपत्ति का निबंधन नहीं हो पा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि संपत्ति से जुड़े न्यायालयीन मामलों में जरूरी प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं होने के कारण संबंधित पक्षों को परेशानी हो रही है। विवाह निबंधन में देरी से भी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ने का दावा किया गया है।
डीड राइटर और अन्य कर्मियों की आजीविका पर असर
निबंधन कार्य प्रभावित होने का असर इस क्षेत्र से जुड़े लोगों पर भी पड़ने की बात ज्ञापन में कही गई है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, अधिवक्ता, डीड राइटर, टाइपिस्ट, मुंशी और निबंधन कार्य से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा लंबे समय तक निबंधन कार्य बाधित रहने से सरकार को मिलने वाले स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क के राजस्व पर भी असर पड़ने की बात प्रतिनिधिमंडल ने कही है।
अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के प्रधान सचिव से मांग की कि SIR जैसे महत्वपूर्ण कार्य के साथ आम जनता से जुड़े निबंधन कार्य को भी सुचारू रखने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक या अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन में धनबाद और गोविंदपुर में संपत्ति निबंधन कार्य को तत्काल पूर्ण क्षमता के साथ शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया गया।
उपायुक्त से बात कर समाधान का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने धनबाद उपायुक्त से बात कर समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि समस्या का जल्द समाधान होने से आम नागरिकों को राहत मिलेगी, संपत्ति से जुड़े लंबित कार्य पूरे होंगे और निबंधन से संबंधित राजस्व संग्रह की प्रक्रिया भी सामान्य हो सकेगी।
प्रतिनिधिमंडल में डीड राइटर एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.पी. मुखर्जी, सचिव चंद्र शेखर चौधरी, भाजपा नेता मुकेश पांडेय और मनोज सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

