अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (16 सितंबर, 2026) को भारत में अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की कोशिशों का स्वागत किया। अमेरिका ने भारत को उन प्रमुख देशों की सूची में शामिल किया है, जहां अवैध नशीले पदार्थों का उत्पादन या ट्रांजिट होता है।
ट्रंप ने पीएम मोदी की कोशिशों का किया स्वागत
अमेरिकी सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की कोशिशों का स्वागत करते हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क के जरिए दोनों देशों के बीच लगातार सहयोग की उम्मीद करते हैं।
अमेरिका की सूची में 23 देश
अमेरिका ने प्रमुख मादक पदार्थ ट्रांजिट या उत्पादन वाले देशों की सूची में कुल 23 देशों को शामिल किया है। इसमें भारत के अलावा पाकिस्तान और चीन का नाम भी है।
सूची में शामिल अन्य देश हैं:
अफगानिस्तान, बहामस, बेलीज, बोलीविया, बर्मा, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरस, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और वेनेजुएला।
लिस्ट में नाम आने का क्या मतलब है?
अमेरिका ने साफ किया है कि किसी देश का इस सूची में शामिल होना यह नहीं बताता कि वहां की सरकार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
अमेरिकी सरकार के मुताबिक, इन देशों को भौगोलिक, व्यावसायिक और आर्थिक परिस्थितियों के कारण सूची में शामिल किया गया है। इन परिस्थितियों की वजह से वहां नशीले पदार्थों या उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का उत्पादन या ट्रांजिट संभव हो सकता है।
अमेरिका ने यह भी कहा है कि किसी देश की सरकार ड्रग्स और नारकोटिक्स पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठा रही हो, तब भी उसका नाम इस सूची में शामिल किया जा सकता है।

