मणिपुर: उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। तामेंगलोंग जिले में मंगलवार (15 सितंबर, 2026) को संदिग्ध उग्रवादियों ने दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गांव के बाहर बने कुछ कच्चे मकानों में भी आग लगा दी गई।
यह घटना रविवार (13 सितंबर, 2026) को तामेंगलोंग और नोनी जिलों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद हुई है।
लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं महिलाएं
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि हथियारबंद उग्रवादियों ने कुकी समुदाय की दो महिलाओं को निशाना बनाया।
दोनों महिलाएं आग जलाने के लिए लकड़ी इकट्ठा करने के लिए तामेंगलोंग के अंदरूनी इलाके में स्थित लेइसांगफाई गांव के एक सुनसान खेत में गई थीं। इसी दौरान संदिग्ध हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी।
दोनों महिलाओं की हुई पहचान
अधिकारियों के मुताबिक, मृत महिलाओं की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितल्हाउ और 30 वर्षीय किंबोई सिंगसन के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ अन्य ग्रामीणों का भी अभी तक पता नहीं चल पाया है। दोनों महिलाओं के शव उसी खेत में पड़े मिले। उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे।
ग्रामीणों ने दोनों शवों को बरामद किया। इसके बाद हथियारबंद हमलावरों ने कुछ कच्चे फार्म हाउसों में आग लगा दी।
2023 से जारी है मैतेई-कुकी संघर्ष
रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। मैतेई समुदाय मुख्य रूप से घाटी इलाकों में रहता है, जबकि कुकी समुदाय पहाड़ी क्षेत्रों में रहता है।
इस हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग अभी भी लापता हैं।
हिंसा की वजह से हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है। मंगलवार की घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सामान्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

