धनबाद। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल भटिंडा फॉल को पर्यटकों के लिए और सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पर्यटन स्थलों के विकास, बुनियादी सुविधाओं, पर्यटक सुरक्षा और मैथन-भटिंडा क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में भटिंडा फॉल में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई प्रस्तावों पर सहमति बनी।
चट्टानों पर होगी फेंसिंग, सड़क और सुविधाओं को भी किया जाएगा बेहतर

भटिंडा फॉल की चट्टानों पर भारी लोहे की सिंकड़ या फेंसिंग लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही शौचालय कॉम्प्लेक्स को सुलभ बनाने की योजना है।
फॉल की ओर जाने वाली सड़क के सुदृढ़ीकरण, ऊपरी हिस्से में फेंसिंग और वैकल्पिक मार्ग तलाशने पर भी बैठक में चर्चा हुई। पर्यटकों की सुविधा के लिए कार पार्किंग, शेड, सोलर लाइट, शौचालय जीर्णोद्धार और साइनेज बोर्ड लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
10 स्थानीय युवाओं को दी गई लाइफ सेविंग ट्रेनिंग
जिला खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान की ओर से रांची के मोराबादी में भटिंडा क्षेत्र के 10 स्थानीय युवाओं को 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है।
प्रशिक्षण में लाइफ सेविंग तकनीक और पावरबोट हैंडलिंग की जानकारी दी गई। इसके अलावा सुरक्षित बोटिंग संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस जारी किए गए हैं।
भटिंडा फॉल में खतरनाक क्षेत्रों, चट्टानों और जलकुंडों के आसपास दिशा-निर्देश और आपातकालीन संपर्क बोर्ड लगाने की व्यवस्था भी की गई है।
तोपचांची झील समेत कई पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य
बैठक में तोपचांची झील में पेवर ब्लॉक, ट्री-चबूतरा, सिटिंग चेयर की मरम्मत और हाई मास्ट लाइट लगाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई।
इसके अलावा वन काली मंदिर गोविंदपुर, दुखहरणी मंदिर झरिया, कतरास लिलोरी मंदिर, दलदली आश्रम कलियासोल, बिरसा मुंडा पार्क धनबाद, बूढ़ा बाबा शिव मंदिर बाघमारा, गंगापुर लिलोरी मंदिर, चासनाला कल्याणेश्वरी मंदिर और भागुडीह डैम टुंडी समेत कई स्थलों पर यात्री शेड, पेयजल प्लेटफॉर्म, सोलर हाई मास्ट लाइट और पहुंच पथ के सुदृढ़ीकरण की योजना बनाई गई।
15 नए स्थलों को डी-श्रेणी में शामिल करने की अनुशंसा
बैठक में जिले के 15 ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक महत्व वाले गैर-अधिसूचित स्थलों को डी-श्रेणी पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने की अनुशंसा की गई।
इनमें खंडेश्वरी मंदिर, वामनगोड़ा जलप्रपात, बारबिंदिया बराकर नदी तट, बाबा कपिलेश्वर धाम-पंच पांडेश्वर मंदिर, श्री साईं मंदिर रोहड़ाबांध, बाबा बटेश्वर मंदिर, शिव मंदिर व झील बेहंचिया, डोमगढ़ घाट-रिवरफ्रंट, ग्राम थान चिकनिया, मड़ईथान, मां रतौड़ी थान, 108 महादाना ग्राम देवता, बूढ़ा बाबा मंदिर अलकडीहा, जियारी थान और खेलाई चंडी पूजा स्थल शामिल हैं।
वहीं तोपचांची झील और पंचेत डैम को बी से ए श्रेणी में, भटिंडा फॉल को सी से बी श्रेणी में तथा कतरास लिलोरी मंदिर और प्रियदर्शनी पार्क सिंदरी को डी से सी श्रेणी में स्थानांतरित करने की अनुशंसा की गई।
मैथन के लिए बनेगी अलग पर्यटन विकास अथॉरिटी
बैठक में ए-श्रेणी के प्रमुख पर्यटन स्थल मैथन डैम के समेकित और योजनाबद्ध विकास के लिए मैथन टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी गठित करने का प्रस्ताव रखा गया।
इसके अलावा महुदा के ब्रह्म बाबा मंदिर और तेलमच्चो शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भी सामने आया।
उपायुक्त ने प्रमुख सड़क मार्गों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वारों पर झारखंड पर्यटन विभाग के ब्रांडिंग मानकों के अनुरूप साइन बोर्ड और होर्डिंग्स लगाने का निर्देश दिया। दिसंबर और जनवरी में मैथन डैम पर मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने, बाबा बटेश्वर मंदिर में ईको टूरिज्म विकसित करने और जियारी थान में प्रकृति पथ चिह्नित करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशिष गंगवार, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि, जिला खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी उमेश लोहरा, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी संजय कुमार झा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

