मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए इस्तेमाल होने वाली पोर्टल आईडी-पासवर्ड और डिजिटल हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
आरोप है कि पोर्टल का गलत इस्तेमाल कर 33 जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए गए और उनका वितरण भी कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच कर सभी 33 प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया है।
इस मामले में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार विजय कुमार सिंह के आवेदन पर शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब से सामने आया मामला
अस्पताल प्रबंधन ने मामले में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। अपने लिखित जवाब में अमित कुमार ने बताया कि काम अधिक होने के कारण अस्पताल प्रबंधक सुमीत श्रीवास्तव के मौखिक निर्देश पर शिव नारायण साव को जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के काम में लगाया गया था।
इसी दौरान शिव नारायण साव द्वारा पोर्टल की आईडी और पासवर्ड के कथित दुरुपयोग से प्रमाण पत्र तैयार किए जाने की बात सामने आई।
जांच के दौरान पोर्टल के माध्यम से कथित तौर पर गलत डिस्चार्ज टिकट तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इन्हीं डिस्चार्ज टिकटों के आधार पर 33 जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए गए और बाद में संबंधित लाभार्थियों को वितरित कर दिए गए।
मामले का पता चलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सभी 33 प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया।
33 से अधिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल कार्यालय स्तर पर शिव नारायण साव के कार्यकाल के दौरान तैयार किए गए अन्य जन्म प्रमाण पत्रों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
प्राथमिक जांच के आधार पर 33 से अधिक प्रमाण पत्रों में भी अनियमितता की आशंका जताई गई है। हालांकि, कितने प्रमाण पत्रों में वास्तविक रूप से गड़बड़ी हुई है, यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अस्पताल स्तर पर रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
डिजिटल हस्ताक्षर और पोर्टल रिकॉर्ड की होगी जांच
मामले में पुलिस अब संबंधित दस्तावेजों, पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड और डिजिटल हस्ताक्षर के इस्तेमाल की जांच कर रही है। इसके साथ ही प्रमाण पत्र तैयार करने की प्रक्रिया और इसमें शामिल कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने प्रमाण पत्रों में अनियमितता हुई और पूरे मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
प्राथमिकी के बाद पुलिस जांच जारी
पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव के अनुसार, मामला सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से 33 जन्म प्रमाण पत्रों को रद्द किया जा चुका है, जबकि अन्य प्रमाण पत्रों की जांच और पुलिस की कार्रवाई जारी है।

