पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद पार्टी के अंदर सवाल उठने लगे हैं। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई है।
रोहिणी ने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि पार्टी में लंबे समय से काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करके चुनाव से ठीक पहले पार्टी में शामिल होने वाले लोगों को प्राथमिकता देना सही नहीं है।
रोहिणी ने क्या कहा?
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में कहा कि वैचारिक निष्ठा और वर्षों के संघर्ष को नजरअंदाज करना समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दशकों तक पार्टी के लिए संघर्ष किया और संगठन को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है।
रोहिणी ने इसे ‘निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी’ बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले से लालू यादव की विचारधारा, पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठन की मजबूती को नुकसान पहुंच सकता है।
उनके इस बयान को RJD में लिए जा रहे फैसलों और नेतृत्व की रणनीति पर अप्रत्यक्ष सवाल के तौर पर देखा जा रहा है।
RJD ने 6 सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार
RJD ने शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) को बिहार विधान परिषद की 8 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए।
पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवारों में शामिल हैं:
- पटना शिक्षक सीट: डॉ. संजीव कुमार सिंह
- पटना स्नातक सीट: दिलीप कुमार
- कोसी स्नातक सीट: नितेश कुमार
- दरभंगा स्नातक सीट: अनिल कुमार झा
- सारण शिक्षक सीट: प्रो. जयराम यादव
- तिरहुत स्नातक सीट: डॉ. रश्मि विनायक गौतम
दो सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान बाकी
RJD ने अभी दो सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। इस बीच रोहिणी आचार्य के बयान के बाद पार्टी और लालू परिवार के बीच मतभेद की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
रोहिणी इससे पहले भी पार्टी से जुड़े कुछ फैसलों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। अब उनके ताजा बयान के बाद बिहार की राजनीति में इसे लेकर चर्चा और बढ़ गई है।

