धनबाद। कोयला नगर स्थित बीसीसीएल सामुदायिक भवन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। दोपहर दो बजे तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में विवादों का समाधान किया गया।
15 अरब 67 करोड़ रुपये से अधिक के विवादों का निपटारा
नेशनल लोक अदालत में कुल 15 अरब 67 करोड़ 25 लाख 20 हजार 215 रुपये के विवादों का निपटारा किए जाने की जानकारी दी गई।
वहीं, 1 अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपये की परिसंपत्तियों और नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। दोपहर दो बजे तक कुल 2 लाख 72 हजार 696 विवादों के निस्तारण की जानकारी दी गई, जबकि 1 लाख 63 हजार 441 मामलों का ऑन-स्पॉट निष्पादन किया गया।
लोक अदालत में मामलों के त्वरित समाधान के साथ लोगों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
62 अनाथ बच्चों को मिला स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ
कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए 62 बच्चों को झालसा की शिशु योजना के तहत बीसीसीएल के सीएसआर सहयोग से स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया गया।
बताया गया कि योजना के तहत इन बच्चों को प्रत्येक वर्ष 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति मिलेगी। इस पहल के माध्यम से बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
सड़क हादसे के पीड़ित परिवारों को मिला मुआवजा
नेशनल लोक अदालत के दौरान सड़क दुर्घटना में मृत डॉ. श्याम सुंदर शाह की पत्नी को 1 करोड़ 41 लाख 33 हजार 932 रुपये का मुआवजा दिलाया गया।
वहीं, शमीमा बानो के पति के मामले में 93 लाख 24 हजार 295 रुपये का मुआवजा दिलाया गया। इसके अलावा हाथियों से प्रभावित 19 लाभुकों के बीच 8 लाख 32 हजार 848 रुपये की राशि का वितरण किया गया।
इस तरह लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न मामलों में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की पहल की गई।
युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को जन-जन तक पहुंचाना लोक अदालत का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें नशे की चपेट में आने से बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरा समाज प्रभावित होता है।
कार्यक्रम में उपायुक्त आदित्य रंजन, बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल सहित कई अधिकारी, न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।

