नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के संविधान क्लब में शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) को बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के जीवन पर लिखी किताब ‘इटरनल लाइट: द लाइफ एंड लेगेसी ऑफ द 14th दलाई लामा’ लॉन्च की गई। इस किताब को वेस्टलैंड बुक्स ने प्रकाशित किया है। किताब के लेखक जाने-माने पत्रकार और बायोग्राफर डॉ. अरविंद यादव हैं।
यह किताब 14वें दलाई लामा के जीवन पर आधारित एक विस्तृत जीवनी है। इसमें उनके बचपन से लेकर दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं में शामिल होने तक के सफर को बताया गया है। किताब में दलाई लामा को शांति, करुणा और अहिंसा की वैश्विक आवाज के रूप में भी पेश किया गया है।
दलाई लामा के जीवन के अनदेखे पहलुओं पर फोकस
किताब में दलाई लामा के जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया गया है। इसमें तिब्बत और वहां के लोगों के मुद्दों को दुनिया के सामने रखने के लिए दलाई लामा की दशकों लंबी कोशिशों को भी बताया गया है।
लेखक डॉ. अरविंद यादव ने किताब में उन घटनाओं पर भी रोशनी डालने की कोशिश की है, जिन्हें अक्सर गलत समझा गया, अलग तरीके से पेश किया गया या जिनका पर्याप्त दस्तावेजीकरण नहीं हुआ।
क्यों लिखी ‘इटरनल लाइट’?
किताब के लेखक डॉ. अरविंद यादव ने कहा कि उन्होंने यह बायोग्राफी दलाई लामा के आशीर्वाद से लिखी है। उनके मुताबिक, ‘इटरनल लाइट’ उम्मीद, विनम्रता, करुणा और इंसानी हौसले की कहानी है।
डॉ. अरविंद ने कहा कि उन्होंने यह किताब इसलिए लिखी क्योंकि दलाई लामा का जीवन सिर्फ तिब्बत की कहानी नहीं है। यह करुणा, संघर्ष, दृढ़ता और इंसानियत से सीख लेने की कहानी भी है।
उन्होंने कहा कि दलाई लामा ने सत्य, करुणा और अहिंसा के जरिए दुनिया को यह संदेश दिया कि अपनी पहचान और मूल्यों को बचाने के लिए हमेशा संघर्ष का रास्ता अपनाना जरूरी नहीं है। कई बार अपनी पहचान और मूल्यों को बनाए रखना ही सबसे बड़ी जीत होती है।

