नई दिल्ली: चीन के J-10CE लड़ाकू विमान की दुनिया के कई देशों में मांग बढ़ती नजर आ रही है। चीन ने अब तक इस फाइटर जेट को पाकिस्तान को दिया है। इसके बाद अब उज्बेकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई देश इसमें रुचि दिखा रहे हैं।
पाकिस्तान ने मई 2025 में भारत के साथ हुए चार दिन के सैन्य संघर्ष के दौरान J-10C का इस्तेमाल किया था। चीन ने इस दौरान अपने J-10C को भारतीय राफेल से बेहतर बताते हुए इसका प्रचार भी किया। चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष के बाद J-10CE को अंतरराष्ट्रीय बाजार में फायदा मिला है।
उज्बेकिस्तान बना दूसरा विदेशी ऑपरेटर
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बाद उज्बेकिस्तान J-10CE का दूसरा कन्फर्म विदेशी ऑपरेटर बन गया है। उज्बेकिस्तान की वायुसेना पहले मुख्य रूप से सोवियत दौर के डिजाइन वाले विमानों पर निर्भर थी।
वहीं, बांग्लादेश ने भी J-10CE खरीदने की दिशा में कदम बढ़ाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, खरीद को लेकर सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
1980 के दशक में शुरू हुआ था प्रोग्राम
J-10CE का विकास चीन के J-10 फाइटर प्रोग्राम से हुआ, जिसकी शुरुआत 1980 के दशक के आखिर में हुई थी। इसकी पहली उड़ान 1998 में हुई थी।
समय के साथ चीन ने इस विमान में लगातार बदलाव किए। शुरुआती J-10A में रूसी इंजन का इस्तेमाल किया गया था। बाद के मॉडल में बेहतर रडार, सेंसर, एवियोनिक्स और हथियार जोड़े गए।
J-10C में चीन ने AESA रडार, बेहतर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और नेटवर्किंग के साथ PL-10 और PL-15 जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल कीं। बाद में इसमें चीन का WS-10B इंजन भी लगाया गया। इसी मॉडल को आगे बढ़ाकर J-10CE तैयार किया गया।
हथियार के साथ ट्रेनिंग और सपोर्ट भी
J-10CE की एक खास बात यह है कि चीन सिर्फ विमान ही नहीं, बल्कि इसके साथ हथियार, पायलट ट्रेनिंग, मेंटेनेंस और तकनीकी सपोर्ट भी उपलब्ध कराता है।
इसकी कीमत अमेरिकी F-16 और स्वीडन के ग्रिपेन जैसे पश्चिमी लड़ाकू विमानों की तुलना में कम बताई जाती है। यही वजह है कि सीमित बजट वाले देशों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।
अमेरिकी रक्षा विभाग की 2025 की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि चीन विकासशील देशों को पश्चिमी हथियार प्रणालियों की तुलना में सस्ते सैन्य उपकरण और लचीले भुगतान विकल्प उपलब्ध करा सकता है।
J-10CE में क्या है खास?
J-10CE, J-10C का आधुनिक निर्यात संस्करण है। इसे चीन ने खुद विकसित किया है। इसमें आधुनिक AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW), इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (ECM) और डिजिटल हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले जैसी तकनीकें हैं।
यह एक 4.5 जेनरेशन का मध्यम भार वाला फाइटर जेट है। इसकी आधुनिक तकनीक और अपेक्षाकृत कम कीमत इसे एशिया और अफ्रीका के कई देशों के लिए आकर्षक विकल्प बना सकती है।
चीन के एयरक्राफ्ट डिजाइनर ली जून के मुताबिक, J-10C को अलग-अलग देशों की जरूरत और मिशन के हिसाब से तैयार किया जा सकता है। यही इसकी बड़ी खूबियों में से एक है।

