ढाका: बांग्लादेश में सैन्य अभ्यास के दौरान हुए टैंक हादसे को लेकर नया दावा सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस चीनी टाइप 59G दुर्जोय टैंक का बैरल फटने से दो सैनिकों की मौत हुई थी, उसमें इस्तेमाल किया जा रहा गोला-बारूद पाकिस्तान में बना था।
फायरिंग के दौरान हुआ था बड़ा धमाका
9 सितंबर को चिटगोंग के हट हजारी फायरिंग रेंज में बांग्लादेशी सेना का फायरिंग अभ्यास चल रहा था। इसी दौरान टैंक के बैरल में जोरदार धमाका हो गया। हादसे में दो सैनिकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक अधिकारी घायल हो गया।
यह टैंक चीन में बना टाइप 59G दुर्जोय है। बांग्लादेश की सेना 2015 से इस टैंक का इस्तेमाल कर रही है।
पाकिस्तान से खरीदा गया था गोला-बारूद
रिपोर्ट के मुताबिक, इस टैंक में 125 mm HE-FS TK एम्युनिशन का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) में बनाया जाता है।
बताया गया है कि 2024 में बांग्लादेश ने टाइप 59G टैंकों के लिए पाकिस्तान से करीब 2,000 राउंड गोला-बारूद खरीदा था।
2024 में भी हुआ था ऐसा हादसा
बांग्लादेश में इसी तरह का हादसा मई 2024 में भी हुआ था। चट्टोग्राम फायरिंग रेंज में टैंक में धमाका होने से एक सैनिक की मौत हुई थी। उस घटना के बाद चीन से विशेषज्ञों की टीम बांग्लादेश पहुंची थी।
दावे के मुताबिक, जांच में टैंक के बैरल में धमाके के पीछे पाकिस्तानी गोला-बारूद की खराब गुणवत्ता को एक संभावित वजह बताया गया था।
2022 में ऑडिट में भी उठे थे सवाल
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 2022 में पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने 125 mm HE-FS TK एम्युनिशन को एक आंतरिक ऑडिट में गुणवत्ता के मामले में खराब पाया गया था।
हालांकि, 9 सितंबर के ताजा हादसे की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमाके की असली वजह क्या थी।

